संत रविदास जयंती पर निकाली गयी शोभा यात्रा
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। सन्त शिरोमणि गुरू रविदास जी की जयन्ती के पावन असर पर शहर के मोहल्ला कानून गोयान से शोभा यात्रा निकाली गयी। शोभा यात्रा में सन्त रविदास के जीवन पर आधारित तरह-तरह की झांकिंया सजायी गई जो आकर्षण का केन्द्र रही। झांकियों के साथ बैण्ड बाजे की धुन पर नन्हे मुन्ने बच्चे, महिलाये, पुरूष, बौद्ध भिक्षु, बडे उत्साह के साथ मौजूद रहें। इस शोभा यात्रा की अगुवाई रमेशचन्द्र कुरील ने की। शोभा यात्रा में आजाद नगर सिद्धार्थनगर, गौढ़ी पीरबटावन आदि मोहल्लो से झांकियां सम्मिलित हुई। शोभा यात्रा का शहर में जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। शोेभा यात्रा शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए मोहल्ला पैसार सिद्धार्थनगर पहुंच कर यात्रा सभा के रूप में परिवर्तित हो गई। सभा में मनोज कुरील ने सन्त रविदास के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सन्त रविदास के समय में स्त्री और दलितो की हालत जानवरों से बदतर थी। ऐसे समय में सन्त रविदास ने समाज को इन बुराईयों के खिलाफ जगाने की पहल की सन्त रविदास ने लोगों को बताया था कि जन्म से नही कर्म से ही इंसान महान होता है उसी समय धर्मों में फैल रहे पाखण्ड व अंध विश्वास का उन्होने कड़ा विरोध किया उन्होने दान दक्षिणा की बजाय मेहनत करके अपने परिवार का भरण-पोषण का संदेश दिया। सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था के लिए आयोजक रमेशचन्द्र कुरील ने पुलिस प्रशासन को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया शोभा यात्रा में प्रमुख रूप से मथुरा प्रसाद, शत्रोहनलाल, प्रेमकुमार, राधेश्याम, डॉ. राजाराम, पवन कुमार कुरील, रक्षक कुरील, राहुल बाथम, अनन्तराम वर्मा, अमरीश कुरील, धीरज कुरील, रामकुमार गौतम, मुकेश गौतम, दीपू, अंकित, परमेश्वर, पंकज, छत्रपाल गौतम, मुन्ना गौतम आदि लोग मौजूद थे।

