झोला छाप डाक्टर मरीज लेकर फरार
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। पैसे कमाने की भूख ने एक झोला छाप डाक्टर को शैतान बना दिया। आपरेशन के बाद इंजेक्शन से हुए इन्फेक्शन से जब मरीज का दम निकल गया तो हालत गंभीर बताकर डाक्टर व कम्पाउंडर बाइक से मृतक का शव लादकर बाराबंकी सुमन हास्पिटल आ गये। निष्प्राण मरीज देखकर हास्पिटल वालों ने कथित डाक्टर को नर्सिंग होम से खदेड़ा तो संवेदनहीन डाक्टर शव को जिला अस्पताल में लिटाकर फरार हो गया। मृतक के परिजन जब जिला चिकित्सालय पहुंचे तो वहां स्टेªचर पर मरीज को निष्प्राण पाया। इतना ही नही मृतक मरीज के पंजे सड़क पर रगड़ खाकर गायब हो गये। परिजनो की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा है। मिली जानकारी के मुताबिक असन्द्रा थाना क्षेत्र के गंगवाई पठनान गांव के निवासी 38 वर्षीय प्रमोद पुत्र भगवानदीन ने तीन दिन पहले रामापाली क्लीनिक अहमदपुर में हारनिया का आपरेशन कराया था। सोमवार को क्लीनिक में जैदपुर थाने के लोधपुरवा निवासी डाक्टर परवेश ने प्रमोद को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाते ही प्रमोद की हालत बिगड़ने लगी। खराब हालत देखकर कथित झोलाछाप डाक्टर परवेश अपने सहयोगी कम्पाउंडर कुदनापुर निवासी चन्द्रशेखर के साथ प्रमोद को बाइक से बाराबंकी लेकर चल दिये। मृतक के साले रामचन्दर का कहना है कि जब डाक्टर से कहा गया कि गाड़ी मंगवा लिया जाये तो उन्होने कहा कि गाड़ी के इंतजार में देर हो जायेगी। आप लोग आइये मैं इसे दशहराबाग सुमन हास्पिटल में भर्ती करता हूं। परिजन जब सुमन हास्पिटल पहुंचे तो वहां न डाक्टर था न मरीज इस बीच कथित डाक्टर परवेज फोन पर गुमराह करता रहा। ढूढ़ते हुए जब यह लोग जिला अस्पताल पहुंचे तो प्रमोद स्टेªचर पर लेटा मिला। डाक्टरों को दिखाया तो उन्होने मृत घोषित कर दिया। प्रमोद के बाये पैर का पंजय गायब था। जो शायद बाइक से लाते समय सड़क पर रगड़ से खत्म हो गया। परिजनो की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा है। इस सबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी का कहना है कि इस तरह की कोई शिकायत संज्ञान में नही है। अगर शिकायत मिलती है तो जांच करवाकर उचित कार्यवाही की जायेगी।
बाराबंकी। पैसे कमाने की भूख ने एक झोला छाप डाक्टर को शैतान बना दिया। आपरेशन के बाद इंजेक्शन से हुए इन्फेक्शन से जब मरीज का दम निकल गया तो हालत गंभीर बताकर डाक्टर व कम्पाउंडर बाइक से मृतक का शव लादकर बाराबंकी सुमन हास्पिटल आ गये। निष्प्राण मरीज देखकर हास्पिटल वालों ने कथित डाक्टर को नर्सिंग होम से खदेड़ा तो संवेदनहीन डाक्टर शव को जिला अस्पताल में लिटाकर फरार हो गया। मृतक के परिजन जब जिला चिकित्सालय पहुंचे तो वहां स्टेªचर पर मरीज को निष्प्राण पाया। इतना ही नही मृतक मरीज के पंजे सड़क पर रगड़ खाकर गायब हो गये। परिजनो की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा है। मिली जानकारी के मुताबिक असन्द्रा थाना क्षेत्र के गंगवाई पठनान गांव के निवासी 38 वर्षीय प्रमोद पुत्र भगवानदीन ने तीन दिन पहले रामापाली क्लीनिक अहमदपुर में हारनिया का आपरेशन कराया था। सोमवार को क्लीनिक में जैदपुर थाने के लोधपुरवा निवासी डाक्टर परवेश ने प्रमोद को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाते ही प्रमोद की हालत बिगड़ने लगी। खराब हालत देखकर कथित झोलाछाप डाक्टर परवेश अपने सहयोगी कम्पाउंडर कुदनापुर निवासी चन्द्रशेखर के साथ प्रमोद को बाइक से बाराबंकी लेकर चल दिये। मृतक के साले रामचन्दर का कहना है कि जब डाक्टर से कहा गया कि गाड़ी मंगवा लिया जाये तो उन्होने कहा कि गाड़ी के इंतजार में देर हो जायेगी। आप लोग आइये मैं इसे दशहराबाग सुमन हास्पिटल में भर्ती करता हूं। परिजन जब सुमन हास्पिटल पहुंचे तो वहां न डाक्टर था न मरीज इस बीच कथित डाक्टर परवेज फोन पर गुमराह करता रहा। ढूढ़ते हुए जब यह लोग जिला अस्पताल पहुंचे तो प्रमोद स्टेªचर पर लेटा मिला। डाक्टरों को दिखाया तो उन्होने मृत घोषित कर दिया। प्रमोद के बाये पैर का पंजय गायब था। जो शायद बाइक से लाते समय सड़क पर रगड़ से खत्म हो गया। परिजनो की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा है। इस सबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी का कहना है कि इस तरह की कोई शिकायत संज्ञान में नही है। अगर शिकायत मिलती है तो जांच करवाकर उचित कार्यवाही की जायेगी।

