डाक्टर हुए सम्मानित
https://husainijnp.blogspot.com/2016/02/blog-post_544.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी। दरिद्र नारायन की मेडिकल सेवा करने वाले दुनिया के एक मात्र संत स्वामी रामज्ञान दास जी महाराज द्वारा आयोजित 20 दिवसीय नेत्र हार्नियां, हाइड्रोसील, पाइल्स, यूटेªस का सर्जरी शिविर देश-विदेश के सेवाभावी डाक्टरों के सम्मान समारोह के साथ सम्पन्न हो गया। इस अवसर पर स्वामी रामज्ञान दास जी महाराज ने डाक्टरों को फल, अंग वस्त्र देकर सम्मान किया। स्वामी जी ने कहा इस कलिकाल में रोगी नारायन में ईश्वर के दर्शन करने वाले डाक्टर बधाई के पात्र हैं। स्वामी रामज्ञान दास जी महाराज ने जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, नगर पंचायत बंकी, को इस आयोजन में उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। आश्रम के सेवादार मनीष मेहरोत्रा ने बताया कि आपरेशन किये हुए मरीजों के फालोअप करने के लिए नर्सिंग टीम अभी आश्रम में रहेगी। सभी के टांके काटने के बाद मरीजों को छोड़ा जायेगा। नेत्र के हुए आपरेशन के मरीजो को 21 फरवरी को पुनः आश्रम पर बुलाया गया है। मरीजों की सेवा के लिए अभी सत्संगी लोग आश्रम में उपस्थित हैं। 13 फरवरी को आश्रम पर प्रति वर्ष होने वाले नवदिवसीय भगवन्नाम सकीर्तन महायज्ञ की शुरूआत होगी। मंदिर का ध्वज बदला जायेगा। इस अवसर पर विशाल भण्डारा भी आयोजित है। आम भक्तों से निवेदन है कि आप लोग प्रसाद ग्रहण कर पुण्य के भागी बनें।
बाराबंकी। दरिद्र नारायन की मेडिकल सेवा करने वाले दुनिया के एक मात्र संत स्वामी रामज्ञान दास जी महाराज द्वारा आयोजित 20 दिवसीय नेत्र हार्नियां, हाइड्रोसील, पाइल्स, यूटेªस का सर्जरी शिविर देश-विदेश के सेवाभावी डाक्टरों के सम्मान समारोह के साथ सम्पन्न हो गया। इस अवसर पर स्वामी रामज्ञान दास जी महाराज ने डाक्टरों को फल, अंग वस्त्र देकर सम्मान किया। स्वामी जी ने कहा इस कलिकाल में रोगी नारायन में ईश्वर के दर्शन करने वाले डाक्टर बधाई के पात्र हैं। स्वामी रामज्ञान दास जी महाराज ने जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, नगर पंचायत बंकी, को इस आयोजन में उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। आश्रम के सेवादार मनीष मेहरोत्रा ने बताया कि आपरेशन किये हुए मरीजों के फालोअप करने के लिए नर्सिंग टीम अभी आश्रम में रहेगी। सभी के टांके काटने के बाद मरीजों को छोड़ा जायेगा। नेत्र के हुए आपरेशन के मरीजो को 21 फरवरी को पुनः आश्रम पर बुलाया गया है। मरीजों की सेवा के लिए अभी सत्संगी लोग आश्रम में उपस्थित हैं। 13 फरवरी को आश्रम पर प्रति वर्ष होने वाले नवदिवसीय भगवन्नाम सकीर्तन महायज्ञ की शुरूआत होगी। मंदिर का ध्वज बदला जायेगा। इस अवसर पर विशाल भण्डारा भी आयोजित है। आम भक्तों से निवेदन है कि आप लोग प्रसाद ग्रहण कर पुण्य के भागी बनें।
