भारतीय लोकतंत्र अब भीड़तंत्र में परिवर्तित होता जा रहा: शर्मा
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। हरियाणा में जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं एवं पुलिस प्रताड़ना की निन्दा करते हुये हरियाणा प्रदेश सहित पूरे देश में अमन, शांति, सदभाव एवं आपसी भाईचारा कायम करने के उद्देश्य से गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट द्वारा गांधी भवन में एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरने का आयोजन किया गया। इस मुद्दे पर गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट द्वारा नई दिल्ली में ट्रस्टी एसएस नेहरा एडवोकेट (सुप्रीम कोर्ट), बलदेव सिंह एवं रिजवान रजा द्वारा राजघाट तथा मथुरा के कृष्णापुरी में राजेन्द्र वर्मा एडवोकेट (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा शांतिपूर्ण धरने का आयोजन किया गया। इस मौके पर धरने को संबोधित करते हुये समाजवादी चिंतक राजनाथ शर्मा ने कहा कि आरक्षण की मांग को लेकर हरियाणा प्रदेश में हुये जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसक घटनाएं अमानवीय थी। जिसकी गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट घोर निन्दा करता है। उन्होने कहा कि हरियाणा में जिस प्रकार से हिंसा हुई जिसमें सैकड़ो लोगों के घर जला दिये गये। महिलाओं के साथ अश्लीलता की गयी तथा राष्ट्रीय सम्पत्ति को भी निशाना बनाया गया। यह घटना निन्दनीय है। श्री शर्मा ने कहा कि हिन्दुस्तान में भारतीय लोकतंत्र भीड़तंत्र में परिवर्तित होता जा रहा है। जो बड़ी जातियां हैं और जो अधिक प्रभावशाली लोग हैं वह भय और आंतक का वातावरण पैदा कर रहे हैं। हरियाणा में हुयी पूरी घटना की सूक्ष्मता से जांच की जानी चाहिए। जिसमें दोषी व्यक्ति एवं राजनैतिक दलों की स्थिति को स्पष्ट किया जाये। जो देश का माहौल बिगाड़ रहे हैं उन्हे देश के सामने बेनकाब किया जाये। धरने के माध्यम से केन्द्र सरकार एवं हरियाणा सरकार से यह मांग करते हैं कि शांति सद्भाव और आपसी भाईचारा कायम करने की दिशा में जल्द ही प्रयास किये जाने चाहियें। श्री शर्मा ने आज पुनः जेएनयू में हुई राष्ट्र विरोधी घटना की निन्दा करते हुये कहा कि जिन लोगों ने 11 फरवरी को प्रदर्शन करके देश विरोधी नारे लगाये और आतंकवादी अफजल गुरु के समर्थन में कार्यक्रम आयोजित किया जो कृत्य भारतीय न्याय व्यवस्था पर कुठाराघात है। विश्वविद्यालयों में पनप रही राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की भारत सरकार जांच कराये जिससे पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य को सुधारा जा सके। देश विरोधी शक्तियों के खिलाफ राष्ट्र को एकजुट होना पड़ेगा तभी देश में अखण्डता और सहिष्णुता का माहौल बनेगा। धरने में मुख्यरुप से विनय कुमार सिंह, मृत्युंजय शर्मा, मौलाना फहीम अहमद, पाटेश्वरी प्रसाद, रोहिताश्व दीक्षित, हुमायूं नईम खां, जय नारायण अवस्थी, अनिल कुमार मिश्रा, मनोज पाठक, ज्ञान तिवारी सहित कई लोग मौजूद रहे।
बाराबंकी। हरियाणा में जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं एवं पुलिस प्रताड़ना की निन्दा करते हुये हरियाणा प्रदेश सहित पूरे देश में अमन, शांति, सदभाव एवं आपसी भाईचारा कायम करने के उद्देश्य से गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट द्वारा गांधी भवन में एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरने का आयोजन किया गया। इस मुद्दे पर गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट द्वारा नई दिल्ली में ट्रस्टी एसएस नेहरा एडवोकेट (सुप्रीम कोर्ट), बलदेव सिंह एवं रिजवान रजा द्वारा राजघाट तथा मथुरा के कृष्णापुरी में राजेन्द्र वर्मा एडवोकेट (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा शांतिपूर्ण धरने का आयोजन किया गया। इस मौके पर धरने को संबोधित करते हुये समाजवादी चिंतक राजनाथ शर्मा ने कहा कि आरक्षण की मांग को लेकर हरियाणा प्रदेश में हुये जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसक घटनाएं अमानवीय थी। जिसकी गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट घोर निन्दा करता है। उन्होने कहा कि हरियाणा में जिस प्रकार से हिंसा हुई जिसमें सैकड़ो लोगों के घर जला दिये गये। महिलाओं के साथ अश्लीलता की गयी तथा राष्ट्रीय सम्पत्ति को भी निशाना बनाया गया। यह घटना निन्दनीय है। श्री शर्मा ने कहा कि हिन्दुस्तान में भारतीय लोकतंत्र भीड़तंत्र में परिवर्तित होता जा रहा है। जो बड़ी जातियां हैं और जो अधिक प्रभावशाली लोग हैं वह भय और आंतक का वातावरण पैदा कर रहे हैं। हरियाणा में हुयी पूरी घटना की सूक्ष्मता से जांच की जानी चाहिए। जिसमें दोषी व्यक्ति एवं राजनैतिक दलों की स्थिति को स्पष्ट किया जाये। जो देश का माहौल बिगाड़ रहे हैं उन्हे देश के सामने बेनकाब किया जाये। धरने के माध्यम से केन्द्र सरकार एवं हरियाणा सरकार से यह मांग करते हैं कि शांति सद्भाव और आपसी भाईचारा कायम करने की दिशा में जल्द ही प्रयास किये जाने चाहियें। श्री शर्मा ने आज पुनः जेएनयू में हुई राष्ट्र विरोधी घटना की निन्दा करते हुये कहा कि जिन लोगों ने 11 फरवरी को प्रदर्शन करके देश विरोधी नारे लगाये और आतंकवादी अफजल गुरु के समर्थन में कार्यक्रम आयोजित किया जो कृत्य भारतीय न्याय व्यवस्था पर कुठाराघात है। विश्वविद्यालयों में पनप रही राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की भारत सरकार जांच कराये जिससे पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य को सुधारा जा सके। देश विरोधी शक्तियों के खिलाफ राष्ट्र को एकजुट होना पड़ेगा तभी देश में अखण्डता और सहिष्णुता का माहौल बनेगा। धरने में मुख्यरुप से विनय कुमार सिंह, मृत्युंजय शर्मा, मौलाना फहीम अहमद, पाटेश्वरी प्रसाद, रोहिताश्व दीक्षित, हुमायूं नईम खां, जय नारायण अवस्थी, अनिल कुमार मिश्रा, मनोज पाठक, ज्ञान तिवारी सहित कई लोग मौजूद रहे।
