मुंगरा में हत्या करके फेंकी गयी लाश का पुलिस ने किया खुलासा
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लड़की से शादी करवाने के बहाने मुम्बई से लाया गया था मृतक
चाचा-भतीजे की थी कमरे बेचकर रखे रूपये लूटने की योजना
जौनपुर। मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र में हत्या करके फेंकी गयी लाश का पुलिस ने खुलासा करते हुये लिप्त दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। इस बाबत मंगलवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुये आरक्षी अधीक्षक राजू बाबू सिंह ने बताया कि बीते 1 जनवरी को स्थानीय थाना क्षेत्र के कबीरपुर गांव में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला जिसके चेहरे पर पत्थर से कूंचने के निशान थे। मृतक की जेब से एक मोबाइल नम्बर मिला जिस पर संजय शर्मा लिखा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर थानाध्यक्ष रविन्द्र श्रीवास्तव की तरफ से 21 जनवरी को धारा 302, 201 भादंवि का मुकदमा दर्ज हुआ। उक्त घटना के मद्देनजर आरक्षी अधीक्षक द्वारा क्षेत्राधिकारी मछलीशहर राम प्रसाद सिंह यादव के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रविन्द्र श्रीवास्तव सहित अन्य जवानों की टीम गठित हुई। विवेचना के दौरान टीम ने मृतक की शिनाख्त गंगाधर सेठी निवासी बुधई की चाल पंचम थाना गोरे गांव ईस्ट मुम्बई के रुप में हुई। उन्होंने बताया कि संजय शर्मा पुत्र शारदा शर्मा व कमलेश शर्मा पुत्र राम दुलार शर्मा निवासीगण सिधौरा थाना सराय ममरेज जनपद इलाहाबाद ने मृतक को मुम्बई से शादी कराने हेतु यहां लाये जहां उसका पैसा हड़पने की नियत से हत्या करके लाश को कूंचकर फेंक दिये। श्री सिंह ने बताया कि बीते 1 फरवरी को थानाध्यक्ष रविन्द्र श्रीवास्तव ने निभापुर चौराहे से दोनों अभियुक्त को पकड़ लिया। बकौल पुलिस अभियुक्तों ने जुर्म स्वीकार करते हुये बताया कि मृतक से हमारी दोस्ती मुम्बई में हुई थी। हम दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजे हैं। मृतक के माता-पिता व पत्नी-बच्चों की मृत्यु पहले ही हो चुकी है। उसकी शादी कराने के बहाने हमने मुम्बई में स्थित उसके कमरे को 17 लाख रुपये में बेचवा दिये। इसके बाद 7.50 लाख रुपये नगद व बाकी चेक से मृतक के खाते में डाल दिया गया। 19 दिसम्बर 2015 को अभियुक्त संजय मृतक से 1.50 लाख रुपये लेकर शादी के लिये लड़की खोजने हेतु मुम्बई से चला और घर आकर 20 दिसम्बर को उसी पैसे से मोटरसाइकिल खरीदा। इसके 23 दिसम्बर को मुम्बई चला गया। 25 दिसम्बर को मृतक से लड़की की व्यवस्था कहकर हवाई जहाज से गाजियाबाद आया गया जहां से 30 दिसम्बर को रिवा एक्सप्रेस से इलाहाबाद आ गया। मृतक अपने पास 6 लाख रुपये लेकर चला था जिसमें से 31 दिसम्बर तक 5 लाख रुपये शेष बचे थे। अभियुक्त संजय का चाचा कमलेश एक दिन पहले ही मुम्बई से यहां आ गया था जो 31 दिसम्बर को जंघई में उनसे मिला। तीनों एक साथ शराब पिये जिसके बाद मछलीशहर, पवारा होते हुये वापस सिंधोरा जाते समय रास्ते में कबीरपुर में मफलर से उसका गला दबाकर बेहोश कर दिये जिसके बाद पत्थर से कूंचकर उसकी हत्या करके लाश को कबीरपुर के सुनसान स्थान पर फेंककर मृतक के पास रखे 5 लाख रुपये लेकर फरार हो गये। आरक्षी अधीक्षक ने बताया कि लूटे रूपयों में से 80 हजार रुपये कमलेश अपनी पत्नी के खाते में जमा किया और शेष अन्य कार्यों में खर्च कर दिया जबकि पुलिस को कुल 94400 रुपया बरामद हुआ। पकड़े गये अभियुक्त संजय शर्मा और कमलेश शर्मा पुत्र राम दुलार निवासी सिधौरा थाना सराय ममरेज जनपद इलाहाबाद के पास से मोटरसाइकिल, मोबाइल, 94400 रुपया बरामद हुआ। बदमाशों को गिरफ्तार करने वाली टीम में थानाध्यक्ष रविन्द्र श्रीवास्तव के अलावा उपनिरीक्षक टीएन पाण्डेय, उपनिरीक्षक नरेश कुमार सहित आरक्षी संजय सिंह, शकील अहमद, खुर्शीद, हीरा यादव, महेन्द्र कुमार और मनोज कुमार हैं।
