CDO साहब ! मनरेगा मजदूरों को सालों से नही मिला रोजगार
https://husainijnp.blogspot.com/2016/02/cdo_22.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी। वर्षो से मनरेगा मजदूरों को ब्लाक द्वारा मजदूरी कार्य लिखित मांग के बाद भी उपलब्ध नही कराया जा रहा है। जबकि गांव के कच्चे रास्तों व तालाबों पर भूमाफिया खेती कर रहे है। मामला तराई क्षेत्र के विकास खण्ड पूरेडलई का कहै यहां के ग्राम पंचायत सरांय सैफ के निबहा गांव के जाब कार्ड धारक बाबूलाल, हरीलाल, ंिसंघई विश्वनाथ, मुन्नऊ, संगीता, सुरेश, सुशीला, राम बहादुर, पप्पू, कैलाश, रमकला, बुधराम सहित कई दर्जन मजदूरों ने मनरेगा के तहत मजदूरी कार्य दिये जाने की लिखित मांग विगत 15 व 25 फरवरी, 11 जून, 21 सितम्बर, 15 व 28 फरवरी 2016 को ब्लाक मुख्यालय से की परन्तु खण्ड विकास अधिकारी की उदासीनता के चलते वर्षो से इन मजदूरों को रोजगार उपलब्ध नही कराया जा सका है। ब्लाक कर्मचारियों की उदासनीता के कारण न सिर्फ भारत सरकार की मंशा पर पानी फिर रहा है। बल्कि मजदूरों के घरो के चूल्हे भी ठण्डे होते जा रहे हैं। मजदूरी की तलाश में शहर के लिये निकले कई मजदूरों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है। मजदूरों ने मुख्य विकास अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर गांव में मजदूरी कार्य उपलब्ध कराने की मांग की है। मजदूरों ने प्रार्थना पत्र में गांव के तालाब, सरकारी नाली व रास्तों की कच्ची खुदाई, पटायी करवाने हेतु उदईमऊ के तालाब गाटा सं. 89 निबहा के तालाब गाटा सं-98 व 99 के साथ रास्तों व नाली का उल्लेख भी किया है। सीडीओ ऋषिरेन्द्र कुमार ने मजदूरों की शिकायत को गंभीरता से लिया है। उनका मानना है कि भारत सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना के तहत ग्रामीण मजदूरों को गांव में रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिये। उन्होने एक पखवारे में ही गांव में रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। जबकि मजदूरों का कहना है कि अगर एक पखवारे में मजदूरी का कार्य नही उपलब्ध कराया गया तो सारे जाब कार्ड धारक धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
बाराबंकी। वर्षो से मनरेगा मजदूरों को ब्लाक द्वारा मजदूरी कार्य लिखित मांग के बाद भी उपलब्ध नही कराया जा रहा है। जबकि गांव के कच्चे रास्तों व तालाबों पर भूमाफिया खेती कर रहे है। मामला तराई क्षेत्र के विकास खण्ड पूरेडलई का कहै यहां के ग्राम पंचायत सरांय सैफ के निबहा गांव के जाब कार्ड धारक बाबूलाल, हरीलाल, ंिसंघई विश्वनाथ, मुन्नऊ, संगीता, सुरेश, सुशीला, राम बहादुर, पप्पू, कैलाश, रमकला, बुधराम सहित कई दर्जन मजदूरों ने मनरेगा के तहत मजदूरी कार्य दिये जाने की लिखित मांग विगत 15 व 25 फरवरी, 11 जून, 21 सितम्बर, 15 व 28 फरवरी 2016 को ब्लाक मुख्यालय से की परन्तु खण्ड विकास अधिकारी की उदासीनता के चलते वर्षो से इन मजदूरों को रोजगार उपलब्ध नही कराया जा सका है। ब्लाक कर्मचारियों की उदासनीता के कारण न सिर्फ भारत सरकार की मंशा पर पानी फिर रहा है। बल्कि मजदूरों के घरो के चूल्हे भी ठण्डे होते जा रहे हैं। मजदूरी की तलाश में शहर के लिये निकले कई मजदूरों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है। मजदूरों ने मुख्य विकास अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर गांव में मजदूरी कार्य उपलब्ध कराने की मांग की है। मजदूरों ने प्रार्थना पत्र में गांव के तालाब, सरकारी नाली व रास्तों की कच्ची खुदाई, पटायी करवाने हेतु उदईमऊ के तालाब गाटा सं. 89 निबहा के तालाब गाटा सं-98 व 99 के साथ रास्तों व नाली का उल्लेख भी किया है। सीडीओ ऋषिरेन्द्र कुमार ने मजदूरों की शिकायत को गंभीरता से लिया है। उनका मानना है कि भारत सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना के तहत ग्रामीण मजदूरों को गांव में रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिये। उन्होने एक पखवारे में ही गांव में रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। जबकि मजदूरों का कहना है कि अगर एक पखवारे में मजदूरी का कार्य नही उपलब्ध कराया गया तो सारे जाब कार्ड धारक धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

