JNU की घटना राष्ट्रविरोधी: पुनिया
https://husainijnp.blogspot.com/2016/02/jnu.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी। देश की मोदी सरकार छात्रों के अधिकारों को कुचलने का कार्य कर
रही हैं। कांग्रेस परिवार उन छात्रों के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई लड़
रहा हैं जो देश की बुनियादी अवधारणा तथा संविधान में भरोसा रखते हैं।
कांग्रेस पार्टी इस राष्ट्रविरोधी घटना की निन्दा करती हैं। उक्त
प्रतिक्रिया राज्यसभा सांसद डॉ पीएल पुनिया ने जेएनयू के छात्रसंघ
अध्यक्ष पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज कराने तथा हैदराबाद केन्द्रीय
विश्वविद्यालय के शोध छात्र रोहित वुमेला कांड की तीव्र निन्दा करते हुए
कहा। उन्होने कहा कि देश के युवाओं, छात्रों के ऊपर मोदी सरकार नागपुर
मुख्यालय के इशारे पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् का आवरण चढ़ाने के
लिये कटिबद्ध हो चुकी हैं। जो छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ
कुठाराघात हैं और जो छात्र आरएसएस और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की
भावनाओं से अलग हटकर अपनी आवाज बुलन्द करने की चेष्टा करते हैं। उन्हें
राष्ट्रद्रोह जैसे जघन्य अपराध का अपराधी घोषित कर दिया जाता हैं या वह
अपनी मौत को गले लगाने के लिये मजबूर हो जाता हैं। श्री पुनिया ने कहा कि
जे.एन.यू. शिक्षा का एक पावन मंदिर हैं। देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर
लाल नेहरू की मृत्यु के 5 वर्षों बाद 1969 में इस विश्वविद्यालय की
स्थापना ही इसलिये की गयी थी कि स्व. नेहरू ने कहा था कि विश्वविद्यालय
देश में मानवता, सहिष्णुता, विवेक, साहसिक विचारों और सत्य की खोज के
लिये हैं और आज तक देश का यह प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय अपनी परम्परा का
निर्वाहन कर रहा हैं लेकिन कुछ ओछी मानसिकता के लोग विश्वविद्यालयों और
छात्रों का राजनैतिक चश्में से देखकर उन्हें अपने रंग में रंगने की एक
ऐसी गंदी साजिश कर रहे हैं जिसके दूरगामी अनिष्ट परिणाम होंगे जो
राष्ट्रहित में नही होंगे।
बाराबंकी। देश की मोदी सरकार छात्रों के अधिकारों को कुचलने का कार्य कर
रही हैं। कांग्रेस परिवार उन छात्रों के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई लड़
रहा हैं जो देश की बुनियादी अवधारणा तथा संविधान में भरोसा रखते हैं।
कांग्रेस पार्टी इस राष्ट्रविरोधी घटना की निन्दा करती हैं। उक्त
प्रतिक्रिया राज्यसभा सांसद डॉ पीएल पुनिया ने जेएनयू के छात्रसंघ
अध्यक्ष पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज कराने तथा हैदराबाद केन्द्रीय
विश्वविद्यालय के शोध छात्र रोहित वुमेला कांड की तीव्र निन्दा करते हुए
कहा। उन्होने कहा कि देश के युवाओं, छात्रों के ऊपर मोदी सरकार नागपुर
मुख्यालय के इशारे पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् का आवरण चढ़ाने के
लिये कटिबद्ध हो चुकी हैं। जो छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ
कुठाराघात हैं और जो छात्र आरएसएस और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की
भावनाओं से अलग हटकर अपनी आवाज बुलन्द करने की चेष्टा करते हैं। उन्हें
राष्ट्रद्रोह जैसे जघन्य अपराध का अपराधी घोषित कर दिया जाता हैं या वह
अपनी मौत को गले लगाने के लिये मजबूर हो जाता हैं। श्री पुनिया ने कहा कि
जे.एन.यू. शिक्षा का एक पावन मंदिर हैं। देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर
लाल नेहरू की मृत्यु के 5 वर्षों बाद 1969 में इस विश्वविद्यालय की
स्थापना ही इसलिये की गयी थी कि स्व. नेहरू ने कहा था कि विश्वविद्यालय
देश में मानवता, सहिष्णुता, विवेक, साहसिक विचारों और सत्य की खोज के
लिये हैं और आज तक देश का यह प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय अपनी परम्परा का
निर्वाहन कर रहा हैं लेकिन कुछ ओछी मानसिकता के लोग विश्वविद्यालयों और
छात्रों का राजनैतिक चश्में से देखकर उन्हें अपने रंग में रंगने की एक
ऐसी गंदी साजिश कर रहे हैं जिसके दूरगामी अनिष्ट परिणाम होंगे जो
राष्ट्रहित में नही होंगे।

