लकड़ी के ठेकेदारों ने किया अतिक्रमण
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अजमी रिज़वी
रामसनेहीघाट बाराबंकी। पुलिस प्रशासन, वनविभाग, मंडी समिति की सहमति और
अनदेखी के चलते लकड़ी के ठेकेदारो द्वारा जगह-जगह अतिक्रमण कर लिया गया
है। जिससे राहगीरो को आवागमन में काफी असुविधाओ का सामना करना पडता है।
भिटरिया हैदरगढ रोड पर लगभग आधा किमी तक सड़क के दोनो तरफ लकडी के
ठेकेदारो का साम्राज्य स्थापित है। लकडी के ठेके संचालित कर ठेकेदार
स्थान के अभाव में आधी सड़क तक कब्जा कर चुके है। जिससे आये दिन दुर्घटनाए
घटित होती रहती है। वाहनो व राहगीरो के लिए समस्या बने अवैध ठेके के
ठेकेदारो द्वारा दबंगई भी पुलिस की शह पर की जाती है। आश्चर्य तो इस बात
का है कि इन अवैध ठेकियों पर तमाम गैर कानूनी कामो को अंजाम दिया जाता
है। एक तो हरे भरे वृक्षो को काटकर खरीद फरोख्त की जाती है और बालश्रम
कानून की धज्जियां उडाई जाती है। ग्रामीणो द्वारा प्रशासन से कई बार
शिकायत भी की गई परन्तु सबके सब बेखबर है और कार्यवाही के नाम पर सिर्फ
खानापूर्ति की जाती रही है। अवैध लकडियो को वैध करने वाले उक्त अड्डो का
संचालन बदस्तूर जारी है। प्रतिदिन शाम से देर रात तक इन अड्डो पर एक दो
पुलिस कर्मी भी बैठे देखे जा सकते है। जिससे खुद स्पष्ट्र है कि आखिर वन
विभाग, स्थानीय कोतवाली पुलिस के नामचीन सिपाही व तहसील प्रशासन के साथ
साथ मंडी समिति, आखिर क्यो इन पर मेहरबानी दिखाते हुए इस अवैध कार्य को
नजर अंदाज कर रहा है। इन अड्डो पर लकडियो के बडे-बडे ढेरो से अक्सर छोटी
बड़ी दुर्घटनाए होती रहती है। गत वर्षो में कई दुर्घटनायें इन ठेकिये के
कारण घट चुकी है। विगत वर्ष एक मजदूर की बोटा उठाते समय मौत भी हो चुकी
है फिर भी प्रशासन के कान में जूं तक नही रेंगी है। इस सम्बंध में
कोतवाली प्रभारी जे एल सोनकार ने बताया कि अवैध रूप से चल रही लकडी अढतो
को बंद कराया जायेगा।

