धड़ल्ले से हो रही मांसो की बिक्री, तहसील प्रशासन अंजान
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अजमी रिज़वी
रामसनेहीघाट बाराबंकी। तहसील मुख्यालय के समीप लखनऊ फैजाबाद राष्ट्रीय
राजमार्ग पर खुले आम मांस बिक्री तहसील व पुलिस प्रशासन को धता बताते
हुये धड्ल्ले से की जा रही है लेकिन प्रशासन इस दिशा से पूरी तरह से
अंजान बना हुआ है। जबकि हर दम अधिकारी कर्मचारी इसी रास्ते से निकलते है।
तहसील मुख्यालय के समीप मंास विक्रेताओं द्वारा खुले आम लोगो को मांस की
बिक्री की जा रही है। जबकि नियमानुसार मंास बिक्री अबादी क्षेत्र के बाहर
होनी चाहिए किन्तु स्थानीय प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते इन
व्यावसायियों द्वारा सभी नियमों कानूनों को दरकिनार करकें खुले आम मांस
की बिक्री की जा रही है। सबसे सोचनीय बात तो यह है कि जहा पर मंास
व्यापारियों की दुकाने है वही पर बालिका गर्ल्स इण्टर कालेज के साथ अन्य
विद्यालय भी संचालित हो रहे है जिससे यहा पढ़ने आने वाले छात्र छात्राओं
कों काफी असुविधाओं का सामना करना पड रहा है कस्बा के बीच किया जा रहे इस
करोबार को विगत वर्षो तत्कालीन उपजिलाधिकारी डी के सिंह के द्वारा हटवाया
गया था परन्तु वर्तमान समय में उक्त व्यावसाइयों द्वारा पुनः अलग अलग
गुमटियां धर कर ये अवैध धंधा जोरो से किया जा रहा है। इसी प्रकार हाइवे
पर भगवानपुर चौराहा भिटरिया हैदरगढ मार्ग पर बाजार के दिन मेन रोड पर पर
खुलेआम मांस की बिक्री की जाती है लेकिन इन पर प्रतिबंध लगाने वाला कोई
भी अधिकारी नजर नही आ रहा है। इस संबध में उपजिलाधिकारी प्रभाकांत अवस्थी
ने बताया कि आबादी के बीच मांस की बिक्री नही की जा सकती है अतिशीघ्र
इनको अटवा दिया जायेगा।

