aajtaktimes

पेयजल संकट को लेकर तराई वासी हल्कान


अजमी रिज़वी
बाराबंकी। घाघरा के तराई इलाके में पेयजल संकट गहराने लगा है। बाढ़
क्षेत्र के हजारों निवासी शुद्ध पेयजल को लेकर हल्कान हैं। जबकि
जिम्मेदार अधिकारी कुम्भकरणीय नींद में मस्त हैं। तराई क्षेत्र के बांस
गांव, सेमरी, सिकरी, बसंतपुर, खेवराजपुर सहित दर्जनों गांव प्रतिवर्ष
घाघरा का ताण्डव झेलते हैं। यहां के 80 प्रतिशत निवासी बाढ़ के समय गांव
छोड़कर अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर शरण लेते हैं। ग्रामीणों द्वारा तहसील व
ब्लाक प्रशासन को लिखित शिकायत देने के बाद पेयजल जैसी गंभीर समस्या के
प्रति प्रशासन लापरवाह बना हुआ है। मार्च के महीने में मई-जून की तरह
शुरु हुई गर्मी में तराई क्षेत्र के निवासियों को हल्कान कर रखा है। यहां
के निवासी धीरेन्द्र कुमार, पप्पू सिंह, ललऊ सिंह आदि का कहना है कि
ब्लाक व तहसील में पेयजल संकट दूर करने के लिये इण्डिया मार्का हैण्ड
पम्प लगवाने की गुहार लगायी गयी। परन्तु अब तक कोई सुनवाई नही की गयी। इस
सम्बन्ध में खण्ड विकास अधिकारी पुष्पा वर्मा का कहना है कि कर्मचारियों
से सर्वे कराया जा रहा है। जल्द ही हैण्ड पम्प स्थापित करवाये जायेंगे।

Related

UP 156126862250618919

Post a Comment

emo-but-icon

Recent

Comments

item