भूमाफियाओं में मची तालाबों को कब्जाने की होड़
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। तहसील के राजस्व कर्मियों से सांठगांठ कर भूमाफिया तालाबों पर
कब्जा करते जा रहे है। शिकायतों पर कार्यवाही के स्थान पर राजस्व कर्मी
उच्चाधिकारियों कों झूठी रिपोर्ट देकर गुमराह करने से नही चूक रहे है।
जिसके कारण न सिर्फ मवेशियों की प्यास बुझाने का संकट बढ़ गया है। बल्कि
जल संचयन की सरकारी कवायद भी खतरे में पड़ गयी है। मामला तहसील क्षेत्र के
रामसनेहीघाट के उदईमऊ व निबहा गांव का है। यहां के अपराधी किस्म के लोगों
ने तालाब पाट कर उसमें खेती करना शुरु कर दिया है। मुख्यमंत्री को भेजी
गयी शिकायत में निबहा गांव के निवासियों ने कहा है कि गांव के तालाब गाटा
सं-58 व 59 पर गांव के अपराधी किस्म के लोगों ने कब्जा कर रखा है।
धीरे-धीरे तालाब को पाट-पाट कर कब्जा भी करते जा रहे है। शिकायतों पर
राजस्व कर्मी कब्जेदारों से सुविधा शुल्क वसूल कर अधिकारियों को गुमराह
करने वाली रिपोर्ट दे देते है। जिसके कारण तालाबों पर अतिक्रमण बढ़ता जा
रहा है। इसी तरह उदईमऊ के तालाब गाटा सं- 189 पर निबहा निवासी अपराधी
लक्ष्मन रावत अपने पांच अपराधी पुत्रों के साथ तालाब पाट कर खेती कर रहा
है। तालाबों को जल संचयन का मुख्य आधार बताते हुए सरकार लाखो रुपये पानी
की तरह बहा रही है। परन्तु राजस्व कर्मी जल संचयन पर पानी फेरते नजर आ
रहे है।

