डा. लोहिया की जयंती पर दी गयी श्रद्धांजलि
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। समाजवादी आन्दोलन और उनसे जुडे पहलुओं को समाज के बीच लाने की नितांत आवश्यकता है। जिससे राजनीति में पर्दापण करने वाले युवाओं को समाजवाद के मूल सिद्धान्तों के बारे मे जानकारी दी जा सके। डा लोहिया का समाजवाद पर दो टूक विचार थे कि ’जो संतप्ति और सम्पत्ति का मोह त्यागे वही समाजवादी है।’ यह विचार आज भी समाज को समता का पाठ पढाते है। उक्त विचार गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट द्वारा डा. राममनोहर लोहिया की 106वीं जयन्ती पर गांधी भवन में आयोजित गांष्ठी में समाजवादी चिंतक एवं डा लोहिया के सहयोगी रहे राजनाथ शर्मा ने व्यक्त किए। श्री शर्मा ने कहा कि आज की युवा पीढी को देश के लिए संघर्ष करने वाले महापुरूषों के बारे में पढने और उनके संघषों से सीखने की जरूरत है। तभी देश व समाज को एक अच्छा लोकसेवक मिल सकता है। डा.लोहिया ने गैरकांग्रेसवाद का नारा देकर सम्पूर्ण देश में समाजवादी अन्दोलन की अलख जगायी। उप्र समाजवादी पार्टी के पूर्व राज्य कार्यकारिणी सदस्य धनन्जय शर्मा ने कहा कि डा लोहिया के सिद्धान्तों पर चलकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश में नया कीर्तिमान स्थापित किया। विकास के साथ-साथ किसानों, बुनकरों, बेरोजगारों, युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई ऐसे कार्य किए जो उन्हे मजबूती प्रदान करती है। सपा नेता हुमायूं नईम खान ने कहा कि मेरे पिता डा लोहिया के बडे अनुयायी थे। उनसे और राजनाथ जी से मुझे डा लोहिया के बारे में कई घटनाक्रमों की जानकारी मिली, जिसे सुनकर मेरा समाजवाद से लगाव बढता गया। इस अवसर पर सपा नेता मृत्युंजय शर्मा, विनय कुमार सिंह, विजय कुमार सिंह, पाटेश्वरी प्रसाद, अनुपम सिंह राठौर, राजेश यादव, सहित कई लोग मौजूद रहे।

