ज़ैन क़िदवई ने मजार पर चढ़ाई चादर
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। नगर अंतर्गत स्थित हजारा बाग में सालाना उर्स मुबारक के मौके
पर हज़रत मोहम्मद अहमद साहब की मज़ार पर ज़ैन किदवई ने चादर चढ़ाकर अम्नो
अमान की दुआ मांगी। उर्स मुबारक के मौके पर ईद मिलादुन्नबी का प्रोग्राम
हुआ ,दशहराबाग से गागर व चादर निकाल कर मजार शरीफ़ पर चादर चढ़ाई गई।ज़ैन
क़िदवई इस प्रोगाम के मुख्य अतिथी रहे। मौलाना कलीम ने संचालन किया और
नाते पाक सुनाई,तक़रीर भी की मौलाना अब्दुल हमीद ने भी तक़रीर की मदरसे के
तमाम तालिबे इल्म व हाफिज़ो ने भी नाते पाक पेश की गागर व चादर दशहराबाग
स्व मुहर्रम अली के आवास से निकल कर हजाराबाग मज़ार तक लाई गई। जहां मज़ार
पर चादर व गागर मज़ार पर चढ़ाने के बाद मिलादुन्नबी प्रोग्राम शुरु
हुआ।जैन क़िदवई ने चादर चढ़ाकर दुआ मांगी इस मौके पर बच्चे और बूढ़े व औरते
सैकड़ो की तादात में मौजूद रहे बाद में लंगर का आयोजन हुआ। मौलाना कलीम ने
नात पढ़ी -दीन ज़िंदा रसूल ज़िंदा है कर्बला का वो फूल ज़िंदा है। दीने अहमद
पे सर कटाने को कर्बला का उसूल ज़िंदा है। सुनकर मजमा झूम उठा प्रोग्राम
की समाप्ति पर कमेटी के मेम्ब्रान ने सभी का शुक्रिया अदा किया।


