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भाजपाईयों ने अघोषित कटौती बंद करने के विरुद्ध डीएम को सौंपा ज्ञापन

आज़मी रिज़वी
बाराबंकी। जब से सपा की सरकार बनी है तब से प्रदेश में बिजली की मारामारी बढ़ी हुई है। सपा सरकार ने छात्र-छात्राओं को भी नही बख्शा। जिला मुख्यालय को 20 घण्टे, तहसील मुख्यालय को 18 घण्टे व ग्रामीण अंचलों को 16 घण्टे विद्युत आपूर्ति जारी रहेगी। मार्च महीने में एक तरफ परीक्षायें हो रही हैं तो वहीं किसान भी कटाई-मड़ाई व बुवाई में व्यस्त है, ऐसे समय में जब विद्युत मांग बहुत बढ़ जाती है। भाजपा ने बिजली समस्या को लेकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन देकर तत्काल अघोषित कटौती बन्द करने की मांग की है, विशेषकर तत्काल रात्रिकालीन कटौती बन्द करने को भी कहा है। भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष अवधेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में सौंपे गये ज्ञापन में स्थानीय प्रशासन को चेतावनी दी गयी है कि तत्काल विद्युत आपूर्ति में सुधार नहीं किया जाता तो भाजपा कार्यकर्ता अधिकारियों का घेराव करेगा व धरना प्रदर्शन की किया जायेगा। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से केदार बक्श सिंह, सुधीर कुमार सिंह ‘सिद्धू’, संतोष सिंह, रमेश चन्द्रा, प्रशान्त कुमार मिश्र, सुशील चन्द्र जैन, केशव टण्डन, पवन जैन, देवराज त्रिपाठी, गुरूदीप सिंह, विशाल सिंह व दुर्गेश अवस्थी आदि सैकड़ों लोग शामिल थे।

बिजली की आवाजाही से नगरवासी परेशान
बाराबंकी। बिजली की आवाजाही से नगर सहित क्षेत्र की जनता में खासा आक्रोश व्याप्त है। निर्धारित मानक के अनुसार बिजली न मिल पाने से जहां व्यापारी परेशान है तो वहीं मच्छरों के आतंक से परेशान घरेलू उपभोक्ता भी त्रस्त हो चुके है।
मालूम हो कि बीते 21 दिनों से बिजली की आवाजाही से विद्युत उपभोक्ता त्रस्त हो चुके है। निर्धारित रोस्टर पर बिजली न मिलना आम बात हो गयी है लेकिन समय परिवर्तन से उपभोक्ता तंग आ चुके है। बीते दिनों रात्रि में 9 बजे बिजली का आना तय था और करीब 1 बजे तक सप्लाई रहती थी किन्तु अब आलम यह है कि रात्रि में तो कोई भरोसा ही नही है कि आयेगी भी या नही अगर आती भी है तो 12 बजे के बाद जब मच्छरों का आतंक परवान चढा होता है। इन दिनों तो विद्युत सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह से तार-तार हो चुकी है। दिन भर का थका व्यक्ति जब शाम को घर पहुंचता है तो मच्छरों के आतंक से उसकी नींद भी पूरी नही हो पाती है। बिजली कम मिलने से इनवर्टर भी टिकाऊ नही रहे एक दो घण्टे चलने के बाद वह भी जवाब दे देते है तो मोमबत्ती का सहारा लेना पड़ता है और सोने के समय मच्छरों की भिनभिनाहट से रात जागकर ही काटनी पड़ती है। नींद पूरी न होने से बीमारी का भी खतरा मंडराने लगा है। इन सब समस्याओं से परेशान नगरवासियों में बिजली व्यवस्था को लेकर काफी आक्रोश पनपने लगा है।

अघोषित कटौती बंद न हुआ तो होगा आंदोलन: रितेश
बाराबंकी। बिजली कटौती के सन्दर्भ में ज्ञापन जिलाधिकारी को देते समय अधिवक्ता रितेश कुमार मिश्र ने 24 घण्टे के अन्दर अघोषित विद्युत कटौती बन्द न की गयी तो आन्दोलन का एलान किया है। आम जनता को समय पर आवश्यकतानुसार बिजली मिल पाना सपना बनकर रह गया है। जिससे अधिक्वताओं, व्यापारियों सहित डाक्टरों व विद्यार्थियों का कार्य प्रभावित हो रहा है। उद्योग धन्धे चौपट हो रहे हैं साथ ही साथ जनता डिप्रेशन की बीमारी का शिकार हो रही है। असमय बिजली की अन्धाधुन्ध कटौती से अधिवक्ताओं सहित हर वर्ग का आदमी परेशान हो चुका है। किसी को भी सही व नियमित बिजली आपूर्ति की चिन्ता नही है। हमारे जिले की बिजली व्यवस्था मात्र उपभोक्ताओं को बहलाने का साधन बनकर रह गयी है।

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