विद्यालय में गंदगी का अम्बार, बच्चे कीचड़ में चलने को मजबूर
https://husainijnp.blogspot.com/2016/03/blog-post_301.html
अजमी रिज़वी
मसौली बाराबकी। शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते प्राथमिक विद्यालय के
बच्चे कीचड़ में चलने के लिये मजबूर हैं। प्रतिदिन मासूमों को कीचड़ से
दो-चार होना पड़ता है। विकास खण्ड बंकी के प्राथमिक विद्यालय चचेरुआ
अल्लीपुर स्कूल की दुर्गति से अभिभावक टीचर सब परेशान है बकौल ग्राम
प्रघान लोकनाथ सिंह यादव मुश्किल से बनी बाउन्ड्री बनने के ठीक 10 वें
दिन स्वतः गिर गयी। आबादी के अन्दर बने इस स्कूल में लोगो के घरो की
नालियों का गन्दा पानी भी आता है। यहां 150 बच्चे पंजीकृत है आसपास कोई
दूसरा स्कूल न होने से इलाके के कई गांवों के बच्चे आते है तो वहीं तमाम
बच्चे नाम लिखाने के बाद इस नरकीय व्यवस्था को देख स्कूल की तरफ रुख नही
करते है। वर्तमान में परीक्षा के मददेनजर मजबूर मासूम परिसर में भरी
गन्दगी से सामना कर रहे है। इस बाबत प्रघानाध्यापिका क्षमा जायसवाल ने
बताया की जलभराव की समस्या नसूर बनी है लेकिन उन्होने कभी विभाग को लिखित
मौखिक अवगत कराने की जिम्मेदारी नही उठाई।
मसौली बाराबकी। शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते प्राथमिक विद्यालय के
बच्चे कीचड़ में चलने के लिये मजबूर हैं। प्रतिदिन मासूमों को कीचड़ से
दो-चार होना पड़ता है। विकास खण्ड बंकी के प्राथमिक विद्यालय चचेरुआ
अल्लीपुर स्कूल की दुर्गति से अभिभावक टीचर सब परेशान है बकौल ग्राम
प्रघान लोकनाथ सिंह यादव मुश्किल से बनी बाउन्ड्री बनने के ठीक 10 वें
दिन स्वतः गिर गयी। आबादी के अन्दर बने इस स्कूल में लोगो के घरो की
नालियों का गन्दा पानी भी आता है। यहां 150 बच्चे पंजीकृत है आसपास कोई
दूसरा स्कूल न होने से इलाके के कई गांवों के बच्चे आते है तो वहीं तमाम
बच्चे नाम लिखाने के बाद इस नरकीय व्यवस्था को देख स्कूल की तरफ रुख नही
करते है। वर्तमान में परीक्षा के मददेनजर मजबूर मासूम परिसर में भरी
गन्दगी से सामना कर रहे है। इस बाबत प्रघानाध्यापिका क्षमा जायसवाल ने
बताया की जलभराव की समस्या नसूर बनी है लेकिन उन्होने कभी विभाग को लिखित
मौखिक अवगत कराने की जिम्मेदारी नही उठाई।

