शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने को कटिबद्ध प्रशासन: डीडीओ
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। जिला विकास अधिकारी एके सिंह ने कार्यशाला को सम्बोधित करते
हुए कहा कि शासन का निरन्तर प्रयास रहा है कि आम जन समुदाय को स्वच्छ
पेयजल और स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक किया जाये। लोगों तक स्वच्छ
पेयजल की उपलब्धता शासन की शीर्ष प्राथमिकता रही है। इण्डिया मार्क-2
हैण्डपम्प की स्थापना की गयी है। उनका रख-रखाव पंचायत राज विभाग द्वारा
किया जाता है। इण्डिया मार्क-2 हैण्डपम्प को सुरक्षित रखने के लिए
प्लेटफार्म भी बनवाये गये है। शुद्ध पेयजल सुनिश्चित कराने के लिए पेयजल
की जांच भी की जाती है। आम जन को भी पीने वाले पानी की जांच करा लेनी
चाहिए। उन्होने खुले में शौच को सामाजिक बुराई बताते हुए कहा कि हर
परिवार के लिए शौचालय बहुत जरूरी है। लोगों को शौचालय बनवाने और उसका
उपयोग करने के प्रति जागरूक किया जाना जरूरी है। कार्यशाला को सम्बोधित
करते हुए जिला प्रशिक्षण अधिकारी और पंचायत राज विभाग के कोऑडिनेटर ने
स्वच्छ भारत मिशन अन्तर्गत संचालित स्वच्छता सम्बन्धी गतिविधियों पर
प्रकाश डालते हुए शौचालय की उपयोगिता के बारे में बताते हुए इस बात पर
चिन्ता व्यक्त की कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी खुले में शौच की प्रथा
विद्यमान है। उन्हें खुले में शौच से होने वाली स्वास्थ्य सम्बन्धी
परेशानियों एवं बीमारियों एवं सामाजिक विसंगतियों के बारे में जानकारी
दी। कार्यशाला में जल बचाव हेतु जागरूकता, पेयजल सुविधाओं के रख-रखाव
हेतु सहभागिता, साबुन से हाथ धोने के महत्व के प्रति जागरूकता, पेयजल का
सुरक्षित रख-रखाव और उपयोग तथा गांव की साफ-सफाई व्यवस्था के फायदे के
प्रति जागरूकता पैदा किये जाने पर जोर दिया गया। गौरतलब है कि शासन के
निर्देश पर 16 से 22 मार्च तक राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता
जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला को अन्य अधिकारियों
ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर जिले के अधिकारी एवं स्वयं सेवी संगठन
के प्रतिनिधि मौजूद थे।

