ग्रामीण बैंक फेर रहा सरकारी मंशा पर पानी
https://husainijnp.blogspot.com/2016/03/blog-post_34.html
अजमी रिज़वी/आरबी सिंह/मनीष सिंह
बाराबंकी। विकलांग जनो को रोजगार मुहैय्या कराकर समाज की मुख्य धारा से
जोड़ने की सरकारी मंशा पर आर्यावर्त ग्रामीण बैंक पानी फेरता नजर आ रहा
है। उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देश को ठंेगा दिखाते हुए एजीबी के शाखा
प्रबंधक विकलांगो को अपमानित करने से भी नही चूक रहे है। एक और देश व
प्रदेश की सरकार कुदरती अभिशाप से ग्रस्त निशक्त जनों को सुविधाएं उपलब्ध
कराने का दावा कर रही है। तो वहीं दूसरी ओर महत्वपूर्ण योजनाओं को अमली
जामा पहनाने वाले लोग खुलेआम दिशा-निर्देशों की धज्जियां उड़ा रहे है।
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय विकलांग वित्त एवं विकास
निगम की स्थापना कर विकलांगो को रोजगार एवं शिक्षा हेतु कम ब्याज दर पर
़ऋण दिये जाने का आदेश दिया गया था। निगम ने एनएचएफडीसी योजना संचालित कर
दस क्षेत्रीय बैंको को चैनलाइजिंग एजेन्सी नियुक्त करते हुए बिना कोलेटरल
गारन्टी के विकलांग जनो को वित्त पोषित करने का निर्देश दिया था। इसमें
जनपद की ग्रामीण बैंक को शामिल किया गया था। परन्तु ग्रामीण बैंक के
अड़ियल व तानाशाही रवैय्ये के चलते अब तक इस योजना के तहत एक भी विकलांग
को लाभान्वित नही किया जा सका है। ग्रामीण बैंक के प्रधान कार्यालय ने
विगत् 2 सितम्बर 015 को अपने पत्र पत्रांक संख्या 3/88 द्वारा समस्त
क्षेत्रीय प्रबंधक, मुख्य, वरिष्ठ व शाखा प्रबंधक को अवगत कराया था कि
एनएचडीसी के पत्र सं-एनएचएफ/1/3/1/आरआरबीएजीबी/15/1996 दिनांकित 17 अगस्त
015 से सूचित किया गया है कि एनएचएफडीसी की योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु
सीजीटी एमएसई अच्छादन की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। चालू वित्तीय
वर्ष 2015-16 हेतु 6 करोड़ 51 लाख का लक्ष्य एजीबी हेतु निर्धारित किया
गया है। एजीबी के प्रधान कार्यालय के परिपत्र संख्या 1/7/ को निर्देश
दिया गया था। कि प्रत्येक शाखा को न्यूनतम एक लाख ऋण के साथ पांच
विकलंागो को मेगा कैम्प लगाकर विगत् 2 अक्टूबर तक लाभान्वित करने का आदेश
दिया गया था। शासन के आदेश-निर्देशों को ठेंगे पर रखने वाले एजीबी के
नौकरशाहो ने इन आदेशों को भी रद्दी की टोकरी में डाल कर अपने कर्तव्यों
की इति श्री कर ली और एक भी विकलांग को इस योजना के तहत रोजगार उपलब्ध
नही कराया।
दो माह से एजीबी के चक्कर लगा रहे विकलांग
बाराबंकी। भारत के प्रधानमंत्री विकलांग को दिव्यांग का तमगा देते है तो
आर्यावर्त ग्रामीण बैंक का जिला मुख्यालय विकलांगो को एनएचएफडीसी की जगह
अन्य योजनाओं में ऋण लेने की सलाह दे रहा है। सिद्धौर विकास खण्ड के
गंगवाई पठनान निवासी विजय बहादुर वर्मा व दिनेश कुमार ने बताया कि विगत्
21 दिसम्बर 015 को उन्होने उक्त योजना के तहत एजीबी अहमदपुर को जिला
विकलांग जन विकास अधिकारी के माध्यम से पत्रांक सं- सी4020 के द्वारा ऋण
के लिये आवेदन किया था। आवेदकों का आरोप है कि पिछले दो महीनों से
दर्जनों बार बैंक शाखा व जिला मुख्यालय के चक्कर लगा रहे है। परन्तु अब
तक वित्त पोषण की कार्यवाही नही की गयी है। इतना ही नही बैंक ने यह कहते
हुए प्रार्थना पत्र वापस करने का प्रार्थना पत्र ले लिया है कि कृषि भूमि
की गारंटी पर ऋण नही दिया जा सकता। इस सबंध में एजीबी के शाखा प्रबंधक का
कहना है कि हेड आफिस से दस लाख तक के ऋण पर गारंटी न लेने व इससे ज्यादा
के ऋण पर गारंटी लेने का निर्देश दिया गया है। आवेदक दिनेश ने निदेशक
वि.ज.वि.वि. लखनऊ को शिकायती पत्र देकर ऋण दिलाने की मांग की है।
विकलांग ऋण सप्ताह मनाने का डीएम को निर्देश
बाराबंकी। विकलांग जन विकास विभाग के निदेशक अनिल कुमार सागर ने आगामी
सात मार्च से 14 मार्च तक विकलांग जन ऋण वितरण सप्ताह मनाने का आदेश
समस्त जिलाधिकारियों को दिया है। निदेशक विकलांग जन विकास विभाग लखनऊ ने
अपने पत्र पत्रांक सं.ई.5955 दिनांकित 19 फरवरी 2016 के द्वारा समस्त
जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि विगत् 18 फरवरी को सचिव विकलांग जन
विकास विभाग की अध्यक्षता में बैठक हुई जिसमें अध्यक्ष एवं प्रबंधक
निदेशक राष्ट्रीय विकलांग वित्त एवं विकास निगम के साथ सभी चैनलाईजिंग
एजेन्सियों ने प्रतिभाग किया। बैंक अधिकारियों को सुझाव दिया गया कि
एनएचएफडीसी द्वारा संचालित योजनाओं में अपेक्षित प्रगति लाने हेतु ऋण
वितरण सप्ताह का आयोजन प्रत्येक शाखा पर किया जाये। निदेशक ने समस्त
जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि विकलांग जन को लाभान्वित करने हेतु
अपने अधीनस्त लीड बैंक मैनेजर क्षेत्रीय प्रबंधक जिला विकलांग जन विकास
अधिकारी को ऋण सप्ताह सफल बनाने का निर्देश देते हुये व्यापक प्रचार
प्रसार कराना सुनिश्चित करें। निदेशक के पत्र के बाद विकलांगो में आशा की
किरण जगी है की डीएम की अगुवाई से शायद विकलांग जनो का कुछ कल्याण होगा।
7 मार्च से 14 मार्च तक होगा ऋण शिविर: मोनिका
बाराबंकी। जिला विकलांग जन विकास अधिकारी मोनिका लाल ने बताया कि नेशलन
हैण्डी कैप्ट फाइनेन्स एण्ड डिवेलप मेण्ट कार्पोरेशन (एनएचएफडीसी) योजना
‘‘निःशक्तजनो का आर्थिक सशक्तिकरण‘‘ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के माध्यम से
संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत विकलांग जनो को स्वरोजगार व उच्च
शिक्षा के लिये रियायती ऋण दिया जाना है। योजना में 18 वर्ष व विकलांगता
40 प्रतिशत होना आवश्यक है। भारत में अध्यन के लिये अधिकतम 10 लाख विदेश
में अध्यन हेतु 20 लाख रुपये का ऋण साढ़े तीन से चार प्रतिशत की ब्याज दर
पर दिया जाना है। स्वरोजगार हेतु 50 हजार से पच्चीस लाख का ऋण चार
प्रतिशत से आठ प्रतिशत की ब्याज दर पर दिया जाना है। महिला लाभार्थी को
एक प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जायेगी। श्री लाल ने विकलांगजनो से आगामी
7 मार्च से 14 मार्च तक आयोजित होने वाले विकालंग जन ऋण वितरण सप्ताह में
शामिल होकर योजना का लाभ लेने की अपील की है।

