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कैशियर पर तेजाब फेंकने के मामले में पुलिस को नही मिला कोई सुराग


अजमी रिज़वी
रामसनेहीघाट बाराबंकी। शुक्रवार की रात बैंक कर्मचारी पर फेंके गए तेजाब
के मामले में पुलिस को 24 घण्टे बाद भी कोई क्लू नही मिला है। हवा में
हाथ पैर मार रही पुलिस बैंक कर्मियों सहित पीड़ित व परिजनों से पूछताछ तक
ही सीमित है। हालाँकि पुलिस के अफसर जल्द ही राजफाश की बात कह रहें हैं।
लेकिन पुलिस के सामने घटना का राजफाश किसी चुनौती से कम नहीं है। अब राज
और गहरा गया है जब पीड़ित ने किसी से विवाद की बात से इंकार किया है।
पीड़ित व परिजन भी डरे सहमे हैं। दूसरे दिन उपनिरीक्षक अखण्ड देव मिश्र ने
पीड़ित के बयान दर्ज किए। बयान में पीड़ितों ने किसी पर कोई शंका नहीं
जाहिर की। सूत्रों की माने तो पुलिस की जांच की दिशा बयान के बाद बदल गई
है। अब पुलिस बैंक लोन व विवाद के बजाय प्रेम प्रसंग पर जांच कर रही है।
शनिवार को पुलिस ने बैंक जाकर शाखा प्रबंधक व बैंक कर्मियों से भी पूछताछ
की है। पुलिस सूत्रो के मुताबिक़ मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा है। कैशियर
विनय की अभी एक माह पूर्व ही शादी हुयी थी। वह छुट्टी पर थे।एक सप्ताह
पहले ही वह छुट्टी से वापस आए थे। बताते चलें कि
भिटरिया की एचडीएफसी बैंक की शाखा के कैशियर विनय सिंह को शुक्रवार को
बैंक बन्द होने के बाद बस पकड़ाने के लिए बैंक का चपरासी मनोज बाइक से
हाइवे भेजने जा रहा था। दोनों ब्लाक के पास पहुँचे थे कि पल्सर सवार
हेलमेट लगाये दो व्यक्तियों ने तेजाब फेंक दिया। तेजाब हमले से दोनों
बुरी तरह से जख्मी हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को लखनऊ रेफर कर
दिया गया था। जहां पर उनका इलाज हुआ। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जेएल
सोनकर ने बताया कि पुलिस जाँच जुटी है। जल्द ही मामले का राजफाश किया
जाएगा।। शुक्रवार को बैंककर्मी पर तेजाब हमले की वारदात के बाद शनिवार को
बैंक खुली, लेकिन बैंक में सन्नाटा पसरा रहा। बैंक स्टाफ मौजूद तो था
लेकिन वह एसिड अटैक की घटना से काफी दुखी था। अन्य दिनों अपेक्षा काम काज
पर भी असर दिखा। ग्राहक भी बैंक जाने से कतराते रहे। बैंक परिसर से लेकर
बाहर चौराहे तक एसिड अटैक की घटना की चर्चाएं होती रही। शाखा प्रबन्धक
विवेक मलिक ने बताया कि इस घटना को लेकर वह काफी चिंतित हैं। बैंककर्मी
का किसी से कोई विवाद नही था, फिर भी ऐसी घटना घटी की तीसरी आँख भी चकमा
खा गई। एचडीएफसी बैंक परिसर के बाहर दो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। घटना से
यह तो स्पष्ट है कि घटना सुनियोजित थी। कैशियर व चपरासी के बैंक से
निकलने के तुरन्त बाद आरोपियों ने पीछा किया, यही कारण है कि बैंक से महज
दो सौ मीटर की दूरी पर घटना को अंजाम दिया गया। अब सवाल यह उठता है कि
हमलावर नही तो मुखबिरी करने वाला कोई न कोई सख्श बैंक के बाहर मौजूद जरूर
रहा होगा। लेकिन सीसीटीवी फुटेज में भी कुछ स्पष्ट नजर नही आया। इससे इस
बात को और बल मिलता है कि आरोपियों ने घटना को बड़ी ही चतुराई व सुनियोजित
तरीके से अंजाम दिया। रामसनेहीघाट कोतवाली में लगभग में एसिड अटैक की यह
पहली घटना बताई जा रही ह। एसिड अटैक की घटना में घायल कैशियर विनय सिंह व
चपरासी मनोज की हालत में सुधार है। प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ रेफर किए
गए दोनों घायलों को वहीं पर भर्ती कराया गया। जहाँ पर इलाज के बाद हालत
में सुधार होने के बाद वापस घर भेज दिया गया है।

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