शर्मनाक व दुर्भाग्यपूर्ण है ओवैसी का वक्तव्य: राम सागर
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। ‘‘भारत माता की जय’’ तथा ‘‘जय हिन्द’’ का नारा देश के प्रत्येक नागरिक के लिए अनिवार्य होना चाहिए। ओवेसी द्वारा ‘‘भारत माता की जय’’ न बोलने सम्बन्धी दिया गया वक्तव्य दुर्भाग्यपूर्ण एवं शर्मनाक है। यह उनकी हताशा और निराशा को प्रदर्शित करता है। उक्त प्रतिक्रिया भाजपा नेता हैदरगढ़ विधानसभा के सम्भावित प्रत्याशी राम सागर रावत ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ओवेसी जैसे लोगों की यह मानसिकता ही तालिबानी मानसिकता है जिसने मुस्लिम समुदाय को कठघरे में खड़ा कर दिया है। अमेरिका हो या आस्ट्रेलिया, रूस हो अथवा यूरोप का कोई भी देश अगर मुस्लिम समुदाय को शक की निगाहों से देखा जा रहा है तो इसके लिए जिम्मेदार वह तालिबानी मानसिकता है। जो जिस देश के अन्दर निवास करते हैं उस देश की राष्ट्रीयता के प्रति सम्मान नहीं व्यक्त करना ही तालिबानी मानसिकता है। ‘‘भारत माता की जय’’ अथवा ‘‘जय हिन्द’’ इस राष्ट्र के प्रत्येक नागरिक का मन्त्र होना चाहिए। मुस्लिम समुदाय को स्वयं तय करना चाहिए कि जिन लोगों के कारण उनकी विश्वसनीयता संकट में है और दुनिया में वे शक की निगाहों से देखे जा रहे हैं वे उनके नेतृत्व में विश्वास करते हैं या उन राष्ट्रवादियों का नेतृत्व को पसन्द करते हैं जिन्होंने भारतीय राष्ट्रीयता की मजबूती के लिए अपना पूरा जीवन बलिदान किया और इस देश की एकता और अखण्डता को अक्षुण्य बनाने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।
बाराबंकी। ‘‘भारत माता की जय’’ तथा ‘‘जय हिन्द’’ का नारा देश के प्रत्येक नागरिक के लिए अनिवार्य होना चाहिए। ओवेसी द्वारा ‘‘भारत माता की जय’’ न बोलने सम्बन्धी दिया गया वक्तव्य दुर्भाग्यपूर्ण एवं शर्मनाक है। यह उनकी हताशा और निराशा को प्रदर्शित करता है। उक्त प्रतिक्रिया भाजपा नेता हैदरगढ़ विधानसभा के सम्भावित प्रत्याशी राम सागर रावत ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ओवेसी जैसे लोगों की यह मानसिकता ही तालिबानी मानसिकता है जिसने मुस्लिम समुदाय को कठघरे में खड़ा कर दिया है। अमेरिका हो या आस्ट्रेलिया, रूस हो अथवा यूरोप का कोई भी देश अगर मुस्लिम समुदाय को शक की निगाहों से देखा जा रहा है तो इसके लिए जिम्मेदार वह तालिबानी मानसिकता है। जो जिस देश के अन्दर निवास करते हैं उस देश की राष्ट्रीयता के प्रति सम्मान नहीं व्यक्त करना ही तालिबानी मानसिकता है। ‘‘भारत माता की जय’’ अथवा ‘‘जय हिन्द’’ इस राष्ट्र के प्रत्येक नागरिक का मन्त्र होना चाहिए। मुस्लिम समुदाय को स्वयं तय करना चाहिए कि जिन लोगों के कारण उनकी विश्वसनीयता संकट में है और दुनिया में वे शक की निगाहों से देखे जा रहे हैं वे उनके नेतृत्व में विश्वास करते हैं या उन राष्ट्रवादियों का नेतृत्व को पसन्द करते हैं जिन्होंने भारतीय राष्ट्रीयता की मजबूती के लिए अपना पूरा जीवन बलिदान किया और इस देश की एकता और अखण्डता को अक्षुण्य बनाने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।

