अवैध सम्बन्धों को लेकर पत्नी ने करायी थी हत्या
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आज़मी रिज़वी
बाराबंकी।
तीन दिन पूर्व थाना सुबेहा क्षेत्र में अधेड़ की अज्ञात बदमाशों द्वारा
धारदार हथियार से की गयी हत्या का खुलासा आज पुलिस द्वारा किया गया।
विडम्बना है कि इस हत्याकाण्ड की सूत्रधार मृतक की पत्नी ही निकली। स्थानीय
पुलिस लाइन्स में आयोजित एक प्रेस वार्ता में प्रेस प्रतिनिधियों से रूबरू
होते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) कुंवर ज्ञानन्जय सिंह ने बताया कि
बीती 19 मार्च को थाना सुबेहा के ग्राम किश्तीनगर मजरे सिधियावां निवासी
नन्दलाल की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गयी थी। जिसके बारे में
मृतक के पुत्र राकेश ने अज्ञात के विरूद्ध मामला पंजीकृत कराया था। शुरूआत
में मृतक की पत्नी फूलकला ने बताया कि उसको बदमाशों ने बंधक बनाया। लेकिन
बाद में जब पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो मामला कुछ और ही निकला। एएसपी
श्री सिंह ने खुलासा करते हुए बताया कि मृतक नन्दलाल की पत्नी फूलकला के
अवैध सम्बन्ध रंजीत से थे। रंजीत को उसने अपने व अपनी लड़की के समस्त जेवरात
दे दिये थे। हाल ही में फूलकला की लड़की गौना होना था। उसे चिंता सता रही
थी कि आखिरकार वह नन्दलाल को क्या जवाब देगी। कहीं उसके अवैध सम्बन्धों का
काला चिठ्ठा न खुल जाये। उसने गांव की ही दुलारा देवी उर्फ बाबाइन पत्नी
बनवारी उर्फ बूटे निवासी को ही सारा मामला बताया। दुलारा का लड़का संतप्रसाद
बीती 09 मार्च को पास्को एक्ट में जेल भेजा गया। दरअसल दुलारा ने दिमाग
लगाया कि उसके लड़के को गांव के ही माता बदल ने जेल भिजवाया। इसलिए नन्दलाल
की हत्या कर उसे इस हत्या का अभियुक्त बना दिया जायेगा। इसके लिए दुलारा ने
जनपद अमेठी के थाना शुकुलबाजार के ग्राम दीवानपुरवा मजरे दक्षिण गांव के
हिस्ट्रीशीटर रामहेत पुत्र जगरूप को 20 हजार रूपया दिया और नन्दलाल को
रास्ते से साफ करवा दिया। दुलारा और फूलकला ने सोंचा कि इस काम से दोनों को
फायदा हो जायेगा। लेकिन पुलिस ने जब इसकी परत दर परत खोलनी शुरू की तो
पूरा मामला साफ हो गया। पुलिस ने अभियुक्तों को आज सुबह करीब साढ़े सात बजे
थाना सुबेहा के चौकी चौराहा के निकट गिरफ्तार किया। पुलिस ने एक खून लगी
कुल्हाड़ी, दो मोबाइल और खून धब्बा लगी अभियुक्त की बनियान भी पायी। पुलिस
ने खासतौर पर बताया कि रामहेत के खिलाफ थाना शुकुलबाजार जनपद अमेठी में
गुंडा एक्ट, गैंग्स्टर, पुलिस मुठभेड़ और जनपद सुल्तानपुर के जगदीशपुर में
भी कई मुकदमें दर्ज हैं। घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में एसओ
सुबेहा विश्वनाथ यादव, एसआई बरजोर सिंह, एसआई गुलाम जाफर, सर्विलांस सेल
आरक्षी दिलबहार यादव, बृजनाथ द्विवेदी शामिल रहे। एसपी ने पुलिस टीम को
पांच हजार रूपये नकद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र दिया।
