पुलिस महानिरिक्षक ने की बैठक , कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के दिये कई सुझाव
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। पुलिस लाइन सभागार में जिले के अधिकारियों एवं थानाध्यक्षों के साथ बैठक करते हुए पुलिस महानिरिक्षक लखनऊ जोन ए सतीश गणेश ने कानून व्यवस्था को दुरूस्त रखने व बेहतर पुलिसिंग के लिए कई सुक्षाव दिये। बैठक के बाद पत्रकारों से मुखातिब आईजी ने बताया कि अधिकारियों के साथ बैठक कर उनके द्वारा नेत्रत्व क्षमता की जानकारी ली गयी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार किसी शिकायत पर सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर फौरन मामले की विवेचना करने से अपराधों में कमी लायी जा सकेगी। थाने में जाने वाली जनता की बात पूरी इमानदारी से सुनकर उसके निस्तारण का आश्वासन देने से जनता के बीच पुलिस के बेहतर आचरण का सन्देश जायेगा। थानेदारों को फर्जी खुलासों से बचने की नसीहत देते हुए कहा कि फर्जी वर्क आउट से निर्दोश को सजा मिलेगी तथा असल अपराधी साफ बच जायेगा। अपने को सुरक्षित पाकर व सौ दिनों के अन्तराल पर किसी बडी घटना को अनजाम देकर अपराधों को तेज़ी से बढाने का कार्य करेगा। कोर्ट के आदेश का पूरी तरह अनुपालन न होने की बात को आईजी न साफ तौर पर स्वीकार किया। महिला अपराधों के मामले में एफआईआर के साथ ही फौरन मेडिकल जॉच व कार्यवाही का निर्देश भी मातहतों को जारी किया गया। साम्प्रदायिक घटना के बारे में सूचना होने पर सभी जिम्मेदार अफसरों को फौरन मौक़े तक जाये ताकि घटना का विकराल रूप धारण करने से पहले ही शान्त किया जा सकें। होली त्यौहार के दृष्टिगत सभी अफसर अपने गावों का निरीक्षण करने के साथ ही आने वाली समस्याओं का तुरन्त निराकरण कराये। शान्ति कमेटी मे सही लोगों का चयन कर अपराध विवेचना व नियंत्रण में तेजी लाये। जिले में 127 गम्भीर अपराधों में से 44 लोगों की गिरफ्तारी शेष होने एवं 750 मामले लाम्बित होने के साथ ही 209 मामले विभागीय कार्य प्रणाली के चलते कोर्ट तक न पहुॅच पाने की बात आईजी द्वारा स्वरकार की गयी। जिले के कप्तान को सभी मालखानों का भौतिक सत्यापन कर वस्तु स्थिति से अवगत कराने का निर्देश दिया गया। आईजी के अनुसार सत्यापन हाते रहने से मालखानों से जरूरी दस्तावेज़ व सामान गायब होने का खतरा नही रहता है।

