गांधी जी की विचारधारा से प्रभावित थे डॉ लोहिया : कुलदीप
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी । समाजवादी पार्टी मुख्यालय पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष डाँ.कुलदीप सिंह की अध्यक्षता में डा राम मनोहर लोहिया के जन्मदिन पर "लोहिया दिवस"मनाया गया।
'इस अवसर पर डॉ कुलदीप सिंह ने कहा कि डा० राम मनोहर लोहिया' का जन्म 23 मार्च, 1910 को भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के अंबेडकर नगर जिले के अकबरपुर नामक गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम हीरा लाल था, जो एक शिक्षक थे। उनकी माता चंदा का देहांत लोहिया जी कि बाल्यावस्था में ही हो गया था।
डा० राम मनोहर लोहिया भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी, प्रखर चिन्तक तथा समाजवादी राजनेता थे। डा० राम मनोहर लोहिया गांधीजी की विचारधारा से काफी प्रभावित थे। गांधीजी के विराट व्यक्तित्व का उन पर गहरा असर हुआ। वर्ष 1921 में उनकी मुलाकात जवाहरलाल नेहरू से हुई। कुछ ही समय में उनके मध्य गहरी मित्रता विकसित हो गई।
डा० राम मनोहर लोहिया का जीवन आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। वह जीवन भर गरीबी और किसान के प्रति अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते रहे। उनका देहांत 12 अक्टूबर 1967 में हुआ।
डा० राम मनोहर लोहिया के जन्मदिन पर प्रत्येक वर्ष 23 मार्च को सम्पूर्ण भारत में 'लोहिया जयंती' मनायी जाती है। उनकी जयंती सम्पूर्ण देश में धूम-धाम से मनायी जाती है। इस मौके पर कई जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस दिन जगह-जगह संगोष्ठी का आयोजन किया जाता है। डा० लोहिया की मूर्ति पर माल्यार्पण किया जाता है तथा उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड प्रीतम सिंह वर्मा, युवा सपा नेता हिमांशु यादव, पिछडा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष यशवंत यादव, डा नवनीत श्रीवास्तव, अलीम मेंहदी, आशीष सिंह आर्यन, प्रदीपयादव, राजकुमार वर्मा, पवन कश्यप, आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।
बाराबंकी । समाजवादी पार्टी मुख्यालय पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष डाँ.कुलदीप सिंह की अध्यक्षता में डा राम मनोहर लोहिया के जन्मदिन पर "लोहिया दिवस"मनाया गया।
'इस अवसर पर डॉ कुलदीप सिंह ने कहा कि डा० राम मनोहर लोहिया' का जन्म 23 मार्च, 1910 को भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के अंबेडकर नगर जिले के अकबरपुर नामक गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम हीरा लाल था, जो एक शिक्षक थे। उनकी माता चंदा का देहांत लोहिया जी कि बाल्यावस्था में ही हो गया था।
डा० राम मनोहर लोहिया भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी, प्रखर चिन्तक तथा समाजवादी राजनेता थे। डा० राम मनोहर लोहिया गांधीजी की विचारधारा से काफी प्रभावित थे। गांधीजी के विराट व्यक्तित्व का उन पर गहरा असर हुआ। वर्ष 1921 में उनकी मुलाकात जवाहरलाल नेहरू से हुई। कुछ ही समय में उनके मध्य गहरी मित्रता विकसित हो गई।
डा० राम मनोहर लोहिया का जीवन आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। वह जीवन भर गरीबी और किसान के प्रति अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते रहे। उनका देहांत 12 अक्टूबर 1967 में हुआ।
डा० राम मनोहर लोहिया के जन्मदिन पर प्रत्येक वर्ष 23 मार्च को सम्पूर्ण भारत में 'लोहिया जयंती' मनायी जाती है। उनकी जयंती सम्पूर्ण देश में धूम-धाम से मनायी जाती है। इस मौके पर कई जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस दिन जगह-जगह संगोष्ठी का आयोजन किया जाता है। डा० लोहिया की मूर्ति पर माल्यार्पण किया जाता है तथा उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड प्रीतम सिंह वर्मा, युवा सपा नेता हिमांशु यादव, पिछडा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष यशवंत यादव, डा नवनीत श्रीवास्तव, अलीम मेंहदी, आशीष सिंह आर्यन, प्रदीपयादव, राजकुमार वर्मा, पवन कश्यप, आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।

