ख़तीबे अकबर के ईसाले सवाब की मजलिस
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। सैययदवाड़ा, संगौरा में कल खतीबे अकबर मौलाना मिर्ज़ा मो. अतहर
साहब के ईसाले सवाब की एक मजलिस हुई। मजलिस की शुरूआत तिलावते हदीसे किसा
से हुई। उसके बाद डा. गयूर उर्फी बाराबंकवी, सज्जाद बाराबंकवी, अली जाफर,
जाकिर नकवी व रेहान अब्बास ने कलाम पेश किया। मजलिस को जनाब मो. आबिस
रिजवी साहब ने खिताब करते हुए ख़तीबे अकबर की नायाब ज़ाकिरी और उनकी
सैययदवाड़ा से मोहब्बत का जिक्र करते हुए कहा कि अहलेबैत की मोहब्बत में
मरने वाला मोमिन शहीद कहलाता है। बाद मजलिस अंजुमन नुस्रतुल अज़ा संगौरा
ने नौहाख्वानी व सीनाज़नी की । इस मौके पर अली जवाद , मो0 यहिया , बदरूल
हसन, बुरेर हसन, अजीजुल हसन व मौजे़ के तमाम मोमनीन मौजूद थे ।

