20 घंटे जंगल में भटकती रही लकड़ी लेने गई विदेशी छात्रा
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शुक्रवार शाम हल्द्वानी में दो गांव के जंगल में साथियों संग लकड़ी बीनने के लिए निकली आस्ट्रिया की छात्रा भटक गई। छात्रा के न मिलने पर फार्म हाउस मालिक ने इसकी सूचना एलआईयू को दी।
पुलिस ने रातभर उसकी तलाश की मगर उसका पता नहीं चल पाया। बीस घंटे बाद दूसरे दिन वह खुद घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूर आमपड़ाव में मिली।
विदेशी छात्रा का कहना था कि उसने रात एक चट्टान पर गुजारी। प्यास लगने पर वह पहाड़ से नीचे उतरी और होटल में पहुंची। होटल मालिक ने पुलिस को इसकी सूचना दी।
एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने बताया कि आस्ट्रिया लुस्टेमाऊ निवासी छात्रा बारबारा मियार (26) 28 मार्च को घूमने के लिए दो गांव क्षेत्र स्थित हिमालयन फार्म हाउस में पहुंची।
शुक्रवार शाम सात बजे वह अपने तीन दोस्तों के साथ जंगल में लकड़ी बीनने के लिए निकली। बारबारा सबसे आगे थी। वह सूखे पत्तों में फिसलकर अपने दोस्तों से काफी नीचे पहुंच गई।
बारबारा के न दिखने पर साथी परेशान हो गए और वे फार्म हाउस लौट आए। रात साढ़े आठ बजे फार्म हाउस के मालिक राजेश जोशी ने इसकी सूचना एलआईयू के निरीक्षक बीएल मठपाल को दी।
बाइक सवार ने उसे लिफ्ट देकर होटल पर छोड़ दिया। पत्रकारों को विदेशी छात्रा ने बताया कि वह सुरक्षित है और उत्तराखंड पुलिस के प्रति वह आभारी है। गफलत में दूसरी महिला को रोका नैनीताल रोड पर एक महिला मैक्स गाड़ी से कार में बैठने के लिए उतरी। इस बीच पुलिस को शक हुआ कि वह बारबारा है तो पुलिस
ने उसे रोक दिया। शक होने पर एसपी सिटी ने महिला की फोटो एसएसपी को भेजी। इसके बाद पता चला कि वह बारबारा नहीं है। हालांकि, एसपी सिटी के साथ कई थानों की फोर्स विदेशी छात्रा को ढूंढने के लिए लगाई गई थी। विदेशी छात्रा को खोजने में पुलिस के पसीने छूट गए। एसएसपी के अनुसार बारबारा एक फरवरी को कोलकाता पहुंची। इसके बाद विभिन्न स्थानों पर भ्रमण करते हुए 28 मार्च को नैनीताल जिले में आई। हिमालयन फार्म के लोगों ने विदेशी छात्रा के आने की सूचना दी थी। इस मामले में एसपी सिटी ने बताया कि फार्म हाउस में विदेशी खुद खाना बनाते हैं और खुद लकड़ी भी बीनकर लाते हैं।
पुलिस ने रातभर उसकी तलाश की मगर उसका पता नहीं चल पाया। बीस घंटे बाद दूसरे दिन वह खुद घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूर आमपड़ाव में मिली।
विदेशी छात्रा का कहना था कि उसने रात एक चट्टान पर गुजारी। प्यास लगने पर वह पहाड़ से नीचे उतरी और होटल में पहुंची। होटल मालिक ने पुलिस को इसकी सूचना दी।
एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने बताया कि आस्ट्रिया लुस्टेमाऊ निवासी छात्रा बारबारा मियार (26) 28 मार्च को घूमने के लिए दो गांव क्षेत्र स्थित हिमालयन फार्म हाउस में पहुंची।
शुक्रवार शाम सात बजे वह अपने तीन दोस्तों के साथ जंगल में लकड़ी बीनने के लिए निकली। बारबारा सबसे आगे थी। वह सूखे पत्तों में फिसलकर अपने दोस्तों से काफी नीचे पहुंच गई।
बारबारा के न दिखने पर साथी परेशान हो गए और वे फार्म हाउस लौट आए। रात साढ़े आठ बजे फार्म हाउस के मालिक राजेश जोशी ने इसकी सूचना एलआईयू के निरीक्षक बीएल मठपाल को दी।
प्यास लगने पर पहाड़ से नीचे उतरी बारबरा
सूचना पर एएसपी हरीश चंद्र सती फोर्स के साथ विदेशी छात्रा को खोजने के लिए मौके पर पहुंचे। छात्रा का पत।
नहीं चलने पर एसएसपी ने एसपी सिटी यशवंत सिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस फोर्स गठित कर तलाश शुरू की। शनिवार दोपहर डेढ़ बजे आमपड़ाव के होटल मालिक मोहन पांडे ने पुलिस को सूचना दी कि विदेशी छात्रा उसके होटल में पहुंची है। पुलिस अधिकारी तत्काल विदेशी छात्रा के पास पहुंचे। पूछताछ में विदेशी छात्रा ने बताया कि उसने रात एक चट्टान में गुजारी। प्यास लगने पर वह पहाड़ से नीचे उतरी तो उसे एक बाइक सवार दिखाई दिया।बाइक सवार ने उसे लिफ्ट देकर होटल पर छोड़ दिया। पत्रकारों को विदेशी छात्रा ने बताया कि वह सुरक्षित है और उत्तराखंड पुलिस के प्रति वह आभारी है। गफलत में दूसरी महिला को रोका नैनीताल रोड पर एक महिला मैक्स गाड़ी से कार में बैठने के लिए उतरी। इस बीच पुलिस को शक हुआ कि वह बारबारा है तो पुलिस
ने उसे रोक दिया। शक होने पर एसपी सिटी ने महिला की फोटो एसएसपी को भेजी। इसके बाद पता चला कि वह बारबारा नहीं है। हालांकि, एसपी सिटी के साथ कई थानों की फोर्स विदेशी छात्रा को ढूंढने के लिए लगाई गई थी। विदेशी छात्रा को खोजने में पुलिस के पसीने छूट गए। एसएसपी के अनुसार बारबारा एक फरवरी को कोलकाता पहुंची। इसके बाद विभिन्न स्थानों पर भ्रमण करते हुए 28 मार्च को नैनीताल जिले में आई। हिमालयन फार्म के लोगों ने विदेशी छात्रा के आने की सूचना दी थी। इस मामले में एसपी सिटी ने बताया कि फार्म हाउस में विदेशी खुद खाना बनाते हैं और खुद लकड़ी भी बीनकर लाते हैं।


