गुजरात में गाय और सांड की शादी, 300 मेहमान बने बाराती !
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अहमदाबाद। क्या आपने कभी सांड और गाय की शादी के बारे में सुना है और शादी भी ऐसी कि दोनों को ताउम्र एक-दूसरे के साथ बांध दिया जाए? जी हां ये अजीबोगरीब वाक्या है गुजरात के एक गांव का जहां गाय और सांड की शादी धूमधाम से कराई गई।
इस शादी में बाकायदा बारात आई।, सारे मंत्रोच्चार हुए। फेरे हुए और दोनों हमेशा के लिए एक-दूसरे के हो गए। इस अनोखी शादी में 300 लोग मेहमान बनकर पहुंचे। दोनों की शादी में 1 लाख 80 हजार रुपए का खर्च आया।
ये शादी उन तमाम बातों के लिए समाज को जगाने में सफल रही, जिनके लिए जानवर सिर्फ जानवर होते हैं। उनका कोई नहीं होता। वो आखिर में सिर्फ हलाल होने के लिए बचे हैं। गुजरात के भावनगर में हुई इस शादी में सभी औपचारिकताएं पूरी की गई।
वैसे, इस कार्यक्रम का आयोजन पशुओं से प्रेम करने को लेकर जागरुकता के लिए किया गया। साथ ही इस कार्यक्रम के दौरान आए खर्च को एक संस्था भर रही है। गाय का नाम है पूनम है उसकी देखरेख करने वाले विजय भाई का कहना है कि वो गायों के साथ पिछले 30 सालों से जी रहे हैं। पूनम तो मेरे लिए बच्ची जैसी है। मैने उसे छोटेपन से ही पाला है, पूनम मेरी जिगर का टुकड़ा है और ऐसे में हमनें शानदार शादी करा दी, तो इसमें अजीब लगने वाली क्या बात है।
इस शादी में पूऑर्केस्ट्रॉ का भी इंतजाम हुआ, और लोगों ने जमकर मस्ती की। लोगों ने पूनम और सांड अर्जुन की शादी में दावत भी जमकर उड़ाई। गाय को यूं तो शांति और धन-धान्य का भी प्रतीक माना जाता है। जो दूध-दही-घी-पनीर-मक्खन से हमारा घर भी भरती है। तो गोबर से हमारे लिए उपले बनते हैं और फिर खेतों को भी उर्जा मिल जाती है। मौजूदा समय में गाय की रक्षा और हत्या को लेकर देश में दो ध्रुव बन चुके हैं। जिन्हें इस शादी से जीखने की जरूरत है।
इस शादी में बाकायदा बारात आई।, सारे मंत्रोच्चार हुए। फेरे हुए और दोनों हमेशा के लिए एक-दूसरे के हो गए। इस अनोखी शादी में 300 लोग मेहमान बनकर पहुंचे। दोनों की शादी में 1 लाख 80 हजार रुपए का खर्च आया।
ये शादी उन तमाम बातों के लिए समाज को जगाने में सफल रही, जिनके लिए जानवर सिर्फ जानवर होते हैं। उनका कोई नहीं होता। वो आखिर में सिर्फ हलाल होने के लिए बचे हैं। गुजरात के भावनगर में हुई इस शादी में सभी औपचारिकताएं पूरी की गई।
वैसे, इस कार्यक्रम का आयोजन पशुओं से प्रेम करने को लेकर जागरुकता के लिए किया गया। साथ ही इस कार्यक्रम के दौरान आए खर्च को एक संस्था भर रही है। गाय का नाम है पूनम है उसकी देखरेख करने वाले विजय भाई का कहना है कि वो गायों के साथ पिछले 30 सालों से जी रहे हैं। पूनम तो मेरे लिए बच्ची जैसी है। मैने उसे छोटेपन से ही पाला है, पूनम मेरी जिगर का टुकड़ा है और ऐसे में हमनें शानदार शादी करा दी, तो इसमें अजीब लगने वाली क्या बात है।
इस शादी में पूऑर्केस्ट्रॉ का भी इंतजाम हुआ, और लोगों ने जमकर मस्ती की। लोगों ने पूनम और सांड अर्जुन की शादी में दावत भी जमकर उड़ाई। गाय को यूं तो शांति और धन-धान्य का भी प्रतीक माना जाता है। जो दूध-दही-घी-पनीर-मक्खन से हमारा घर भी भरती है। तो गोबर से हमारे लिए उपले बनते हैं और फिर खेतों को भी उर्जा मिल जाती है। मौजूदा समय में गाय की रक्षा और हत्या को लेकर देश में दो ध्रुव बन चुके हैं। जिन्हें इस शादी से जीखने की जरूरत है।

