aajtaktimes

सबसे बड़े 'टैक्स लीक' से खुलासा, 500 हस्तियां छुपाती हैं अपनी बेशुमार दौलत!

नई दिल्ली। पनामा की लॉ फर्म मोसेक फोंसेका के दस्तावेज लीक होने से अब तक के सबसे बड़े टैक्स लीक का खुलासा हुआ है। इन दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि कैसे दुनिया की ताकतवर हस्तियां अपना टैक्स बचाने के लिए टैक्स हैवन का इस्तेमाल करती है और अपनी बेशुमार दौलत को छिपाते हैं। एक करोड़ दस लाख से ज्यादा लीक हुए दस्तावेजों में करीब 500 भारतीयों के भी नाम हैं। इन्होंने टैक्स छिपाने के लिए अपना धन टैक्स हैवन देश पनामा में ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड में लगाया।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इन सभी ने सेवाओं का लाभ उठाने के लिए कंपनी को भुगतान किया। सामने आए भारतीय नामों में इनमें अमिताभ बच्चन से लेकर ऐश्वर्या रॉय बच्चन, डीएलएफ के मालिक केपी सिंह और उनके परिवार के 9 सदस्य के नाम  शामिल है। साथ ही इन नामों में दो राजनेताओं के नाम का खुलासा हुआ है, पश्चिम बंगाल से शिशिर बजोरिया, लोकसत्ता पार्टी के दिल्ली इकाई के पूर्व मुखिया अनुराग केजरीवाल के नाम शामिल हैं।
इन दस्तावेजों के मुताबिक रूसी राष्‍ट्रपति ब्‍लादिमीर पुतिन, इजिप्‍ट के पूर्व प्रेसिडेंट होस्‍नी मुबारक, सीरिया के प्रेसिडेंट बशर अल असद, लीबिया के पूर्व लीडर गद्दाफी, पूर्व पाक पीएम बेनजीर भुट्टो और वर्तमान पीएम नवाज शरीफ आदि शामिल हैं। ये दस्‍तावेज 70 से ज्‍यादा वर्तमान या पूर्व राष्‍ट्राध्‍यक्षों और तानाशाहों से जुड़े हैं
इन दस्तावेजों से पता चलता है कि पाकिस्तान के पीएम नवाज़ शरीफ के बेटे हुसैन और उनकी बेटी मरियन सफदर ने टैक्स हैवन माने जाने वाले ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड में कम से कम चार कंपनियां डालीं। इन कंपनियों से इन्होंने लंदन में छह बड़ी प्रॉपर्टीज खरीदी। जांच में यह खुलासा हुआ कि शरीफ परिवार ने इन प्रॉपर्टीज को गिरवी रखकर डॉएचे बैंक से करीब 70 करोड़ रुपये का लोन लिया। इसके अलावा, दूसरे दो अपार्टमेंट खरीदने में बैंक ऑफ स्कॉटलैंड ने वित्तीय मदद की।
वहीं पनामा सरकार ने पनामा पेपर्स के आंकड़े लीक होने के मद्देनजर शुरू की जा सकने वाली हर प्रकार की कानूनी जांच में पूरा सहयोग करने का संकल्प लिया है। पनामा सरकार ने कहा कि पनामा सरकार कोई कानूनी कदम उठाए जाने की स्थिति में हर प्रकार की आवश्यक सहायता या हर प्रकार के अनुरोध में पूरी तरह सहयोग करेगी। पनामा की लॉ फर्म मोस्साक फोंसेका ने कहा कि उसके कई धनी ग्राहकों के विदेशों में स्थित कामकाज की जानकारी देते हुए पनामा पेपर्स का खुलासा करना एक अपराध है और पनामा पर एक हमला है। मोस्साक फोंसेका के संस्थापकों में शामिल रैमन फोंसेका ने कहा कि यह एक अपराध, घोर अपराध है। उन्होंने कहा कि यह पनामा पर एक हमला है क्योंकि कुछ देशों को यह बात रास नहीं आती कि हम कंपनियों को आकषिर्त करने में इतना कड़ा मुकाबला पेश कर रहे हैं।

Related

news 4492107337194128996

Post a Comment

emo-but-icon

Recent

Comments

item