अग्निकाण्ड पीड़ितों को डीडीसी ने बाटी राहत सामग्री
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रामसनेहीघाट बाराबंकी। तीन दिन पूर्व मंगलवार को क्षेत्र के सुनौली गांव
में हुए भीषण अग्निकांड में 30 घरो के लोग बेघर हो गये। किसी के घर में न
तो खाने के लिए कुछ बचा और न ही पहनने के लिए यहां तक कई ऐसे परिवार हैै।
जो खुले आसमान के नीचे अपने परिवार के साथ रहने को विवष है ऐसे में दो
दिन बाद भी अभी तक सरकार के खजाने से किसी भी प्रकार की सहायता पीडितो को
नही दी है। गुरूवार को जिला पंचायत सदस्य विन्नू जायसवाल अपने तमाम
साथियों के साथ गांव पहुंच कर पीडितो का सहायता प्रदान की। गुरूवार को
जिला पंचायत सदस्य कोटवासडक निवासी विन्नू जायसवाल ने अपने सहयोगियों के
साथ गावं पहुंचे तथा पीडितो को खाने के लिए आटा, चावल, दाल, सब्जी, चीनी,
चाय पत्ती, नमक, कडुवा तेल, वह रात में उजाले के लिए केरोसिन तेल के साथ
साथ पहनने के लिए कपडो की व्यवस्था की। सहायता राशि पाने के बाद पीडितो
के आंखो से आंसू छलक पडे तथा हर मुंह से दुआ निकलने लगी। डीडीसी के साथ
प्रधान प्रतिनिधि मुकेश यादव, सोमनाथ गुप्ता, अनुपम जायसवाल, सतीश
उपाध्याय, संदीप यादव, टानिस महराज, आशोक रावत, कोटेदार विनोद सहित तमाम
लोग मौजूद थे। इससे पूर्व मंगलवार को बसपा नेता सुधीर सिंह ने गांव पहुंच
कर सहायता राशि पीडितो में वितरित की थी। जहां एक ओर स्थानीय लोगो के साथ
सामाजेवियों ने अग्निकांड के पीडितो की मदद के लिए अपने हाथ फैला दिये है
तो वही सरकारी सहायता दो दिन बीत जाने के बाद भी किसी भी पीडित तक नही
पहुच सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के समय अधिकारियों के साथ
क्षेत्रीय विधायक व मंत्री राजीव कुमार सिंह भी आये थे लेकिन सभी लोग
आश्वासन की गठरी थमा कर चले गये। सनौली गांव में लगी भीषण आग करीब तीस
परिवारो को तबाह कर दिया था तत्कालिक तौर पर तो प्रदेश के कृषि राज्य
मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक राजीव कुमार सिंह दल बल के साथ गांव पहुंचे
परन्तु मदद के नाम पर एक ठेला भी देना उन्होने मुनासिब नही समझा और गांव
की परिक्रमा कर वापस लौट गये। उपजिलाधिकारी अर्चना वर्मा भी आग लगन की
सूचना पर गांव पहुंची परन्तु दिशा निर्देश के अतिरिक्त वै वहां पर कुछ भी
नही दे सकी उन्होने मौके पर शाम तक तिरपाल मुहैया कराने की बात कही थी
लेकिन वह तिरपाल तीन दिन बाद भी पीडितो तक नही पहुंच सका है। सनौली गांव
में अग्निकांड की घटना के समय विद्युत लाइन में शार्ट सर्किट होने लगी थी
सूचना के बाद गांव की सप्लाई बंद कर दी गई थी लेकिन उसे दुबारा अभी तक
जोडा नही गया है जिससे गांव में अंधेरा बना रहता है। पीडित ग्रामीणों का
कहना है कि लाईट तो काट दी गई थी उसके बाद अभी तक जोडी नही जा सकी है रात
के समय में सभी को खुले आसमान व जमीन पर सोना पडता सप्लाई न बहाल करने के
कारण अंधेरा बना रहता है जो खतरे से खाली नही है। यही नही गांव में
सप्लाई न जाने के कारण सभी मोबाइल बंद पडे है जिससे आवश्यकता पडने पर
किसी अधिकारी या अन्य को फोन भी नही किया जा सकता है लाइन मैन को सूचना
दी गई फिर भी अभी तक लाइट नही जुडी। एसडीएम अर्चना वर्मा ने बताया कि
ग्रामीणों ने इसकी शिकातय की है विद्युत विभाग को तत्काल सप्लाई बहाल
करने के निर्देश दिये गये है। जहां सुनौली गांव में खाने रहने का सभी
सामान आग की भेंट चढ गया है पीडितो के सामने खाने की लाले है तो वही गांव
में लगा नल भी खराब हो जाने से खाने के साथ पानी पीने की समस्या भी प्रबल
हो गई है। पीडित ग्रामीणों ने एसडीएम से नल को ठीक कराने की मांग की है।
में हुए भीषण अग्निकांड में 30 घरो के लोग बेघर हो गये। किसी के घर में न
तो खाने के लिए कुछ बचा और न ही पहनने के लिए यहां तक कई ऐसे परिवार हैै।
जो खुले आसमान के नीचे अपने परिवार के साथ रहने को विवष है ऐसे में दो
दिन बाद भी अभी तक सरकार के खजाने से किसी भी प्रकार की सहायता पीडितो को
नही दी है। गुरूवार को जिला पंचायत सदस्य विन्नू जायसवाल अपने तमाम
साथियों के साथ गांव पहुंच कर पीडितो का सहायता प्रदान की। गुरूवार को
जिला पंचायत सदस्य कोटवासडक निवासी विन्नू जायसवाल ने अपने सहयोगियों के
साथ गावं पहुंचे तथा पीडितो को खाने के लिए आटा, चावल, दाल, सब्जी, चीनी,
चाय पत्ती, नमक, कडुवा तेल, वह रात में उजाले के लिए केरोसिन तेल के साथ
साथ पहनने के लिए कपडो की व्यवस्था की। सहायता राशि पाने के बाद पीडितो
के आंखो से आंसू छलक पडे तथा हर मुंह से दुआ निकलने लगी। डीडीसी के साथ
प्रधान प्रतिनिधि मुकेश यादव, सोमनाथ गुप्ता, अनुपम जायसवाल, सतीश
उपाध्याय, संदीप यादव, टानिस महराज, आशोक रावत, कोटेदार विनोद सहित तमाम
लोग मौजूद थे। इससे पूर्व मंगलवार को बसपा नेता सुधीर सिंह ने गांव पहुंच
कर सहायता राशि पीडितो में वितरित की थी। जहां एक ओर स्थानीय लोगो के साथ
सामाजेवियों ने अग्निकांड के पीडितो की मदद के लिए अपने हाथ फैला दिये है
तो वही सरकारी सहायता दो दिन बीत जाने के बाद भी किसी भी पीडित तक नही
पहुच सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के समय अधिकारियों के साथ
क्षेत्रीय विधायक व मंत्री राजीव कुमार सिंह भी आये थे लेकिन सभी लोग
आश्वासन की गठरी थमा कर चले गये। सनौली गांव में लगी भीषण आग करीब तीस
परिवारो को तबाह कर दिया था तत्कालिक तौर पर तो प्रदेश के कृषि राज्य
मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक राजीव कुमार सिंह दल बल के साथ गांव पहुंचे
परन्तु मदद के नाम पर एक ठेला भी देना उन्होने मुनासिब नही समझा और गांव
की परिक्रमा कर वापस लौट गये। उपजिलाधिकारी अर्चना वर्मा भी आग लगन की
सूचना पर गांव पहुंची परन्तु दिशा निर्देश के अतिरिक्त वै वहां पर कुछ भी
नही दे सकी उन्होने मौके पर शाम तक तिरपाल मुहैया कराने की बात कही थी
लेकिन वह तिरपाल तीन दिन बाद भी पीडितो तक नही पहुंच सका है। सनौली गांव
में अग्निकांड की घटना के समय विद्युत लाइन में शार्ट सर्किट होने लगी थी
सूचना के बाद गांव की सप्लाई बंद कर दी गई थी लेकिन उसे दुबारा अभी तक
जोडा नही गया है जिससे गांव में अंधेरा बना रहता है। पीडित ग्रामीणों का
कहना है कि लाईट तो काट दी गई थी उसके बाद अभी तक जोडी नही जा सकी है रात
के समय में सभी को खुले आसमान व जमीन पर सोना पडता सप्लाई न बहाल करने के
कारण अंधेरा बना रहता है जो खतरे से खाली नही है। यही नही गांव में
सप्लाई न जाने के कारण सभी मोबाइल बंद पडे है जिससे आवश्यकता पडने पर
किसी अधिकारी या अन्य को फोन भी नही किया जा सकता है लाइन मैन को सूचना
दी गई फिर भी अभी तक लाइट नही जुडी। एसडीएम अर्चना वर्मा ने बताया कि
ग्रामीणों ने इसकी शिकातय की है विद्युत विभाग को तत्काल सप्लाई बहाल
करने के निर्देश दिये गये है। जहां सुनौली गांव में खाने रहने का सभी
सामान आग की भेंट चढ गया है पीडितो के सामने खाने की लाले है तो वही गांव
में लगा नल भी खराब हो जाने से खाने के साथ पानी पीने की समस्या भी प्रबल
हो गई है। पीडित ग्रामीणों ने एसडीएम से नल को ठीक कराने की मांग की है।

