दोहरे हत्याकाण्ड मे पुलिस का दावा हुआ फेल, हाथ खाली
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। कोतवाली नगर अर्न्तगत पीआरडी के दो जवानों की हत्या के मामले
में पुलिस को कोई भी सफलता हासिल नही हुयी है। लगातार संदिग्ध व्यक्तियों
को उठाकर पूछतॉछ करने के बाद भी पुलिस जहॉ की तहॉ खड़ी नजर आ रही है। जबकि
आईजी जोन लखनऊ ने दावा किया था कि चौबीस घंटे के अन्दर हत्यारे कानून के
शिकंजे मे होगें लेकिन उनका यह दावा भी हवाहवाई साबित हुआ। जनकारी के
अनुसार 4/5 अप्रैल की रात कोतवाली नगर क्षेत्र के महिला जिलाअस्पताल के
सामने स्थित डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक की प्रमुख शाखा मेें शातिर
बदमाशों ने ड्यिुटी पर मौजूद पीआरडी के जवान देशराज और ओम प्रकाश को
चाकुओं से गोद डाला था और बाद मे गला रेत कर हत्या कर दी थी। बदमाशों ने
बैंक के मुख्य दरवाजों का ताला तोड़ कर तिजोरी मे रखे करीब पचास लाख रूपये
ले जाने की फिराक मे थें लेकिन उसमें बदमाश सफल नही हो पाये। 5 अप्रैल की
सुबह जब पुलिस अधिकारियों को इस घटना की जानकारी हुयी तो मौके पर आईजी ए
सतीश गणेश, डीआईजी विजय कुमार गर्ग आदि अधिकारियो ने पूरे बैंक परिसर का
निरीक्षण किया था और बाद मेें आईजी ने पत्रकारों के सामने दावा किया था
कि चौबीस घ्ंाटे के अन्दर इस घटना का ख्ुालासा कर दिया जायेगा उन्होने
बताया था कि बैंक परिसर मे लगे सीसीटीबी कैमरे को बदमाशों ने नष्ट कर
दिये थे लेकिन प्रबन्धक के कक्ष मे लगे एक गुप्त सीसीटीवी कैमरे से
बदमाशों का पता चल जायेगा इसके बाद कप्तान अब्दुल हमीद ने जिले के तेज
तर्रार अधिकारियों की चार टीमों का गठन करके हत्यारों की तलाश शुरू करवा
दी थी। इतना ही नही पुलिस अधिकारियों ने बैंक मे कार्यरत हर कर्मचारियों
को कोतवाली बुलाकरके उनसे पूछतॉछ भी की थी लेकिन नतीजा कुछ नही निकला
वैसे पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद का मानना है कि इस घटना मे जरूर किसी
बैंक कर्मी का हाथ है जल्द से जल्द हत्यारे कानून की शिकंजे मे होगें वही
इस दोहरे हत्याकाण्ड मे पुलिस की नाकामी को लेकर राजनीतिक दलो मे आक्रोश
व्याप्त है शिव सेना ने तो बैठक कर पुलिस अधीक्षक को हटाने और मृतक
पीआरडी जवानों के परिजनों को आर्थिक सहायता के रूप मे 50 लाख रूपये देने
की मांग की कुलमिलाकर इस दोहरे हत्याकाण्ड मे कोतवाली नगर पुलिस की कलाई
पूरी तरह से खुल गयी है।

