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मशहूर शायरों के इंतकाल पर शोकसभा आयोजित

बाराबंकी। प्रख्यात उर्दू के शायर डा मलिक जादा मंजूर अहमद एवं शायर आबिद अली के निधन पर गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट द्वारा गांधी भवन में शोक सभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता कर रहे गांधी ट्रस्ट के अध्यक्ष राजनाथ शर्मा ने कहा कि डा मलिक जादा ने उर्दू साहित्य के क्षेत्र में बडा काम किया। उन्होने उर्दू शायरी को नए आयाम तक पहुंचाया। उनकी शायरी में उर्दू अदब की झलक दिखाई पड़ती है। लगभग तीन दशकों तक वह बाराबंकी में गांधी जयंती के मुशायरे में शामिल हुए। उन्होने खुमार बाराबंकवी, मंजर भोपाली, मुनव्वर राना, राज इलाहाबादी, अजमल सुल्तानपुरी, अदम गोण्डवी, रईश अंसारी, पं चन्द्रशेखर मिश्र, विनय बागी, रफीक सादानी जैसे देश के नामचीन शायरों के साथ मुशायरे की शोभा बढाई। उनके निधन से उर्दू शायरी के क्षेत्र जो कमी आयी है, उसकी पूर्ति अपूर्णनीय है। श्री शर्मा ने बताया कि आबिद अली ने भी उर्दू साहित्य और शायरी के क्षेत्र में जो काम किया वह हिन्दू मुस्लिम एकता का प्रतीक है। वह गंगा जमुनी तहजीब के प्रतीक थे। उन्होने जिस सादगी के साथ रक्षाबंधन और होली मिलन का आयोजन वह एक मिशाल है। इस मौके पर समाजसेवी नासिर खान ने कहा कि अदबी दुनिया के दो सितारे आज अपनी पहचान छोडकर चले गए। जिनके अल्फाज समाज को उर्दू से जोडने में काम करेगी। इस मौके पर जिला बार एसोशिएसन के पूर्व अध्यक्ष बृजेश दीक्षित, सपा नेता धनंजय शर्मा, मृत्युंजय शर्मा, हुमायूं नईम खान, विनय कुमार सिंह, एहतिशाम खान, पाटेश्वरी प्रसाद, राजेश यादव सहित कई लोगो ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत की आत्म शान्ति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

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