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एक जोरदार धमाका और खुशियां खत्म...

बाराबंकी। खुशियां कब मातम में बदल जायें, कहा नहीं जा सकता। सब तो ऊपरवाले का खेल है। कोतवाली देवा के ग्राम रफीपुर मजरे टेराखुर्द निवासी रामपाल ने शायद कभी सोंचा भी नहीं होगा कि अपने पुत्र की विवाह की जिस प्रकार की तैयारियां वह करने में जुटा है। एक पल में ही सब चकनाचूर हो जायेंगी। एक छोटा सा सिलेण्डर ऐसा धमाका करेगा कि सारी खुशियां धुएं के गुबार में खो जायेंगी। आग की लपटें सब स्वाहा कर देंगी। रामपाल के पुत्र लल्लाराम का विवाह आगामी 29 अप्रैल को होना तय हुआ था। परिवार में चारों ओर खुशियां ही खुशियां थीं। घर की औरतें मंगल गीत गाने जुटी थीं। नात-रिश्तेदार सब लल्लाराम की शादी में नाचने-गाने और धूम मचाने की तैयारियां कर रहे थे। सब कुछ ठीक चल रहा था। अचानक एक विस्फोट और सब खत्म....। कुछ ऐसा ही नजारा आज हुआ रामपाल के घर में। सूत्रों के मुताबिक, जिस समय घर में विस्फोट हुआ, उस समय तेल पूजन के अवसर पर कन्या भोज चल रहा था। एक पांच किलो का छोटा गैस सिलेण्डर जीने के नीचे रखा हुआ था। कन्याएं बड़े ही चाव से निवाला तोड़ कर मुंह में रख रहीं थी। तभी अचानक सिलेण्डर विस्फोटित हो जाता है। फिर क्या था आग की लपटें कुछ ही पलों में घर को घेर लेती हैं। चारों ओर चीत्कारें सुनायी पड़ने लगती हैं। नन्हें-नन्हें बच्चे जल चुके थे। महिलाएं आग की लपटों में घिर चुकी थीं। खुद लल्लाराम आग की लपटों से जल चुका था। काश कोई करिश्मा हो जाता। खुशियां यूं ही एक पल में काफूर न होतीं। मेंहदी रचने वाले हाथों को यूं तकलीफ न होती। सपने इस कदर टूटते न अगर सिलेण्डर फटता नही।  

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