प्रदेश की कानून व्यवस्था बद से बदतर: शर्मा
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट द्वारा गांधी भवन में शहीद डीएसपी
तंजील अहमद की शहादत और कोआपरेटिव बैंक में तैनात पीआरडी के जवानों
देशराज व ओमप्रकाश की दर्दनाक मौत पर शोकसभा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक समाजवादी चिंतक राजनाथ शर्मा ने कहा कि प्रदेश की
कानून व्यवस्था बद से बदतर हो गयी है। कानून की निरंकुशता से ही एनआईए के
डिप्टी एसपी तंजील अहमद की आतंकवादियों ने हत्या कर दी। जिसकी न तो
आईपीएस संगठन के अध्यक्ष एवं सूबे के मुख्यमंत्री ने संवेदनहीनता को
स्वीकारा। यही नही नगर के कोआपरेटिव बैंक में तैनात सुरक्षाकर्मियों की
कथित व्यक्त्यिों द्वारा निर्मम हत्या किये जाने पर पुलिस प्रशासन पूरी
तरह मौन है। श्री शर्मा ने कहा कि भारत की केन्द्र सरकारं शुरु से ही
संवेदनहीन रही हैं। जिसका प्रमाण देश व प्रदेश में बढ़ रहे अपराध हैं। सभा
को सम्बोधित करते हुए पत्रकार दीपक मिश्रा ने कहा कि अरबों रुपयों की
सम्पत्ति के मालिकों को सुरक्षा देना और देश की रक्षा करने वाले बहादुर
अफसरों को सुरक्षा से वंचित रखना प्रदेश व केन्द्र की सरकार की विफलता
है। भारत की राजनीति, भारत के लोग संवेदनहीन हो रहे हैं। आज आरक्षण,
भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर लोग सड़कों पर उतर रहे हैं लेकिन देश की
सुरक्षा की जब बात आती है तो वह घरों से निकलने में संकोच करते हैं। हमें
समाज को जागृत और प्रजवलित करने की आवश्यकता है। इस मौके पर मुख्य रुप से
पत्रकार रिजवान मुस्तफा, हुमायूं नईम खां, समाजसेवी अशोक शुक्ला, शिवा
शर्मा, विनय कुमार सिंह, मृत्यंुजय शर्मा, अनुपम सिंह राठौर, रवि प्रताप
सिंह, विजय कुमार सिंह, आदित्य यादव, विशाल मिश्रा, सोनू शर्मा, अजय
सिंह, पवन प्रजापति, रोशन कश्यप, ललित अवस्थी, सूरज शर्मा सहित कई लोग
मौजूद रहे।
