कांग्रेस का अब भी पीछा नहीं छोड़ रहा परिवारवाद
https://husainijnp.blogspot.com/2016/04/blog-post_315.html
असम में भाजपा ने बना रखा है सूबे के नेताओं के परिवारवाद को मुद्दा
राम-रहीम दोनों की सरकार होगी
परिवारवाद का सियासी आरोप कांग्रेस का पीछा अब भी नहीं छोड़ रहा है। सोनिया-राहुल के साथ असम कांग्रेस के नेताओं का परिवारवाद भी यहां चुनावी मुद्दा बना हुआ है। कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में आए हेमंत विश्वशर्मा अपने चुनावी सभाओं के दौरान जनता के सामने नेहरू-गांधी परिवार के परिवारवाद को गिनाते हुए सूबे की जनता से प्रदेश कांग्रेस के नेताओं का परिवारवाद गिना रहे हैं।
वे तरुण गोगोई से लेकर सुष्मिता देव तक के नाम का जिक्र कर रहे हैं। शर्मा का कहना है कि कांग्रेस ने यहा असम विधानसभा चुनाव में 35 नेता पुत्रों और पुत्रियों को टिकट दिया है। ऐसे में कार्यकर्ता का नंबर कब लगेगा।
प्रदेश में परिवारवाद को बढ़ावा देने को लेकर मुख्यमंत्री गोगोई पर सियासी हमला बोलते हुए वे जनता से कहते हैं कि गोगोई की राजनीति टीवी सिरियल सास-बहू सरीखे है। उनका ये परिवारवाद सोनिया और राहुल की प्रेरणा से है। ये सुनते ही जनता से तालियां बजती हैं और वंदे मातरम और भारत माता के नारे शुरू हो जाते हैं।

