प्राइमरी और डिग्री कॉलेज दोनों में पढ़ा रहीं मैडम
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अजमी रिज़वी / आसिफ हुसैन
बाराबंकी। शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचार का घुन लगा है। शिक्षा माफिया
फर्जी अनुमोदन के सहारे महाविद्यालयों का संचालन कर रहे हैं तो शिक्षक भी
दोहरा वेतन उठने के चक्कर में दो-दो जगह नौकरी कर रहे हैं। रामखेलावन
स्नातकोत्तर महाविद्यालय शेषपुर दामोदरपुर की अनुमोदित एक शिक्षका बेसिक
शिक्षा विभाग उन्नाव में भी कार्यरत है। मामले की शिकायत इसी कॉलेज में
एक शिक्षक ने डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद में की थी।
जिसके बाद इस प्रकरण की जांच विश्वविद्यालय स्तर पर चल रही है। लखनऊ
जनपद के रजनीखंड निवासी रेखा पांडेय पिछले करीब १६ सालों से बेसिक शिक्षा
विभाग में बतौर सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत हैं। उनका चयन १९९९ में
सहायक अध्यापक के पद पर हुआ था। लेकिन २००६ से वह डॉ. राम मनोहर लोहिया
अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद से संबद्ध रामखेलावन स्नातकोत्तर महाविद्यालय
शेषपुर दामोदरपुर अंसदरा में भी बतौर प्रवक्ता तैनात हैं। इस तरह रेखा
पांडेय पिछले करीब दस सालों से दो-दो जगह से वेतन उठा रही हैं। सबसे खास
बात यह है कि रेखा पांडेय कब डिग्री कॉलेज में पढ़ाती हैं और कब उच्च
प्राइमरी स्कूल उन्नाव में। दोनों स्कूलों के बीच की दूरी करीब ८०
किलोमीटर है। इस मामले की शिकायत इसी कॉलेज के प्रवक्ता रहे डॉ. विवेक
मिश्र ने डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद के कुल सचिव से
शपथ पत्र के साथ की थी। जिसके बाद इस प्रकरण की जांच के लिए
विश्वविद्यालय ने जांच कमेटी गठित कर जांच की जा रही है।
फैजाबाद में थी रेखा की पहली ज्वॉयनिंग
लखनऊ की रहने वाली रेखा पांडेय की बेसिक शिक्षा विभाग में पहली ज्वायनिंग
३० नवंबर १९९९ को फैजाबाद जनपद में हुई थी। इसके बाद इनका ट्रांसफर
उन्नाव जनपद हो गया। वह वर्तमान में असोहा विकास खंड के उच्च प्राथमिक
विद्यालय में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत है। खंड शिक्षाधिकारी असोहा
अशोक कुमार ने बताया कि रेखा पांडेय पिछले ९ मई २००१ से यहां कार्यरत
हैं।
महाविद्यालय परिवार की सूची में शामिल हैं रेखा
रामखेलावन स्नातकोत्तर महाविद्यालय शेषपुर दामोदरपुर अंसदरा द्वारा जारी
कई सूची में रेखा पांडेय का नाम भी में शामिल हैं। वह सूची में चौथे
स्थान पर हैं। महाविद्यालय के पूर्व प्रवक्ता डॉ. विवेक मिश्र ने बताया
कि रेखा पांडेय महाविद्यालय के प्रबंधक आलोक पांडेय की पत्नी हैं। वह
पिछले करीब दस साल से अनुमोदित प्रवक्ता हैं। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध
विश्वविद्यालय फैजाबाद के कुल सचिव बीआर कनौजिया द्वारा ८ मार्च २००६ को
यह अनुमोदन पत्र जारी किया था। तब से अभी तक रेखा पांडेय का अनुमोदन चल
रहा है।
लोगों द्वारा एक साथ कई नौकरियों के लिए आवेदन किया जाता है। रेखा पांडेय
ने भी किया था। महाविद्यालय में उनका अनुमोदन हैं लेकिन वह यहां नहीं पढ़ा
रही हैं न ही वेतन लिया है।
आलोक पांडेय- प्रबंधक, रामखेलावन स्नातकोत्तर महाविद्यालय शेषपुर दामोदरपुर अंसदरा
बाराबंकी। शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचार का घुन लगा है। शिक्षा माफिया
फर्जी अनुमोदन के सहारे महाविद्यालयों का संचालन कर रहे हैं तो शिक्षक भी
दोहरा वेतन उठने के चक्कर में दो-दो जगह नौकरी कर रहे हैं। रामखेलावन
स्नातकोत्तर महाविद्यालय शेषपुर दामोदरपुर की अनुमोदित एक शिक्षका बेसिक
शिक्षा विभाग उन्नाव में भी कार्यरत है। मामले की शिकायत इसी कॉलेज में
एक शिक्षक ने डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद में की थी।
जिसके बाद इस प्रकरण की जांच विश्वविद्यालय स्तर पर चल रही है। लखनऊ
जनपद के रजनीखंड निवासी रेखा पांडेय पिछले करीब १६ सालों से बेसिक शिक्षा
विभाग में बतौर सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत हैं। उनका चयन १९९९ में
सहायक अध्यापक के पद पर हुआ था। लेकिन २००६ से वह डॉ. राम मनोहर लोहिया
अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद से संबद्ध रामखेलावन स्नातकोत्तर महाविद्यालय
शेषपुर दामोदरपुर अंसदरा में भी बतौर प्रवक्ता तैनात हैं। इस तरह रेखा
पांडेय पिछले करीब दस सालों से दो-दो जगह से वेतन उठा रही हैं। सबसे खास
बात यह है कि रेखा पांडेय कब डिग्री कॉलेज में पढ़ाती हैं और कब उच्च
प्राइमरी स्कूल उन्नाव में। दोनों स्कूलों के बीच की दूरी करीब ८०
किलोमीटर है। इस मामले की शिकायत इसी कॉलेज के प्रवक्ता रहे डॉ. विवेक
मिश्र ने डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद के कुल सचिव से
शपथ पत्र के साथ की थी। जिसके बाद इस प्रकरण की जांच के लिए
विश्वविद्यालय ने जांच कमेटी गठित कर जांच की जा रही है।
फैजाबाद में थी रेखा की पहली ज्वॉयनिंग
लखनऊ की रहने वाली रेखा पांडेय की बेसिक शिक्षा विभाग में पहली ज्वायनिंग
३० नवंबर १९९९ को फैजाबाद जनपद में हुई थी। इसके बाद इनका ट्रांसफर
उन्नाव जनपद हो गया। वह वर्तमान में असोहा विकास खंड के उच्च प्राथमिक
विद्यालय में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत है। खंड शिक्षाधिकारी असोहा
अशोक कुमार ने बताया कि रेखा पांडेय पिछले ९ मई २००१ से यहां कार्यरत
हैं।
महाविद्यालय परिवार की सूची में शामिल हैं रेखा
रामखेलावन स्नातकोत्तर महाविद्यालय शेषपुर दामोदरपुर अंसदरा द्वारा जारी
कई सूची में रेखा पांडेय का नाम भी में शामिल हैं। वह सूची में चौथे
स्थान पर हैं। महाविद्यालय के पूर्व प्रवक्ता डॉ. विवेक मिश्र ने बताया
कि रेखा पांडेय महाविद्यालय के प्रबंधक आलोक पांडेय की पत्नी हैं। वह
पिछले करीब दस साल से अनुमोदित प्रवक्ता हैं। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध
विश्वविद्यालय फैजाबाद के कुल सचिव बीआर कनौजिया द्वारा ८ मार्च २००६ को
यह अनुमोदन पत्र जारी किया था। तब से अभी तक रेखा पांडेय का अनुमोदन चल
रहा है।
लोगों द्वारा एक साथ कई नौकरियों के लिए आवेदन किया जाता है। रेखा पांडेय
ने भी किया था। महाविद्यालय में उनका अनुमोदन हैं लेकिन वह यहां नहीं पढ़ा
रही हैं न ही वेतन लिया है।
आलोक पांडेय- प्रबंधक, रामखेलावन स्नातकोत्तर महाविद्यालय शेषपुर दामोदरपुर अंसदरा

