सूख गये तालाब, पशु-पक्षी बेहाल, प्रशासन नही दे रहा ध्यान
https://husainijnp.blogspot.com/2016/04/blog-post_491.html
बाराबंकी। भीषण गर्मी के चलते सूख गये तालाब। पानी के स्थान पर
तालाबों में उड़ रही है धूल। पानी के लिए पशु पक्षी बेहाल। जल संचय के लिए
करोड़ोे रूपय खर्च कर तालाबों की खुदायी की जा रही है। लेकिन तालाबों में
पानी भरवाने हेतु कोई ठोस कदम नही उठाये जा रहे है। इस ओर शासन प्रशासन
बिल्कुल ध्यान नही दे रहा है। तहसील रामनगर अन्तर्गत विकास खण्ड रामनगर व
सूरतगंज के ग्राम पंचायतों में लगातार कई वर्षो से जल संचय के लिए तालाब
की खुदवायी की जा रही है। जिसमें प्रतिवर्ष करोड़ों रूपये खर्च किया जाता
है। लेकिन समुचित देखभाल न होने की वजह से व्यवस्था चरमरा गयी है।
तालाबों की खुदायी मनरेगा द्वारा की गयी थी। जिसमें से अनेक ग्राम
पंचायतों में आदर्श तालाब की श्रेणी में तालाबों का चयन हुआ था। इन
तालाबों के किनारे वृक्षा रोपण, कटीले तारों द्वारा बैरिकैटिंग करके गेट
लागाया गया था। पशुओ के पानी पीने हेतु घाट बनाये गये थे। लागों के बैठने
के लिए बेंच बनायी गयी थी। देख रेख सही न होने के काराण आदर्श तालाबों की
दुरदशा देखी नही जा रही है। पहले जब इन तालाबों की देखभाल नही की जाती
थी। उस समय बरसात का पानी इन तालाबों में एकत्र होकर पूरे वर्ष भर पशु
पक्षियों के काम आता था। आज तालाबों की साफ सफाई की जाती है। फिर भी पानी
के लिए पशु पक्षी परेशान हैं। कोई समय था कि यही तालाब गांव के लिए वरदान
साबित होता था। ग्रामवासी तालाब के पानी से खेतों की सिंचाई करते थे। तथा
सिंघाड़ा लगाते थे। पशु खूब नहाते व पानी पीते थे। गरीब तबके के लोग
तालाब की गीली मिट्टी निकाल कर घरों की पुतायी करते थे करोड़ों रूपय खर्च
होने के उपरांत भी सूखे पड़े है। इस सम्बन्ध में जब जिम्मेदार अधिकारियों
से बात की गई तब उन्होने बताया कि तालाब में जल भरवाने के लिए कोई
शासनादेश नही प्राप्त हुआ है। अगर कोई व्यवस्था होती है। तो जल्द तालाबों
में जल भरवाया जायेगा। ग्रामिणों ने बताया कि हम लोगों ने तालाबों में जल
भरावने के लिए गांव के मुखिया व अधिकारियों से कई बार कहा गया है। लेकिन
इस ओर ध्यान नही दिया गया है। क्या गर्मी के बाद इन तालाबों में जल
भरवाया जायेगा।
तालाबों में उड़ रही है धूल। पानी के लिए पशु पक्षी बेहाल। जल संचय के लिए
करोड़ोे रूपय खर्च कर तालाबों की खुदायी की जा रही है। लेकिन तालाबों में
पानी भरवाने हेतु कोई ठोस कदम नही उठाये जा रहे है। इस ओर शासन प्रशासन
बिल्कुल ध्यान नही दे रहा है। तहसील रामनगर अन्तर्गत विकास खण्ड रामनगर व
सूरतगंज के ग्राम पंचायतों में लगातार कई वर्षो से जल संचय के लिए तालाब
की खुदवायी की जा रही है। जिसमें प्रतिवर्ष करोड़ों रूपये खर्च किया जाता
है। लेकिन समुचित देखभाल न होने की वजह से व्यवस्था चरमरा गयी है।
तालाबों की खुदायी मनरेगा द्वारा की गयी थी। जिसमें से अनेक ग्राम
पंचायतों में आदर्श तालाब की श्रेणी में तालाबों का चयन हुआ था। इन
तालाबों के किनारे वृक्षा रोपण, कटीले तारों द्वारा बैरिकैटिंग करके गेट
लागाया गया था। पशुओ के पानी पीने हेतु घाट बनाये गये थे। लागों के बैठने
के लिए बेंच बनायी गयी थी। देख रेख सही न होने के काराण आदर्श तालाबों की
दुरदशा देखी नही जा रही है। पहले जब इन तालाबों की देखभाल नही की जाती
थी। उस समय बरसात का पानी इन तालाबों में एकत्र होकर पूरे वर्ष भर पशु
पक्षियों के काम आता था। आज तालाबों की साफ सफाई की जाती है। फिर भी पानी
के लिए पशु पक्षी परेशान हैं। कोई समय था कि यही तालाब गांव के लिए वरदान
साबित होता था। ग्रामवासी तालाब के पानी से खेतों की सिंचाई करते थे। तथा
सिंघाड़ा लगाते थे। पशु खूब नहाते व पानी पीते थे। गरीब तबके के लोग
तालाब की गीली मिट्टी निकाल कर घरों की पुतायी करते थे करोड़ों रूपय खर्च
होने के उपरांत भी सूखे पड़े है। इस सम्बन्ध में जब जिम्मेदार अधिकारियों
से बात की गई तब उन्होने बताया कि तालाब में जल भरवाने के लिए कोई
शासनादेश नही प्राप्त हुआ है। अगर कोई व्यवस्था होती है। तो जल्द तालाबों
में जल भरवाया जायेगा। ग्रामिणों ने बताया कि हम लोगों ने तालाबों में जल
भरावने के लिए गांव के मुखिया व अधिकारियों से कई बार कहा गया है। लेकिन
इस ओर ध्यान नही दिया गया है। क्या गर्मी के बाद इन तालाबों में जल
भरवाया जायेगा।

