...और पुलिस कस्टडी में हुई शादी की रश्में
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बाराबंकी। नकटा सहेरिया निवासी दीपक को यह नही पता था कि खुशी-खुशी
दूल्हा बनकर गया है। वहां से लौटने पर उसको जेल जाना पड़ेगा। हुआ यूं कि
जिस दिन इन लोगों ने संजय को मारापीटा था। उसके दूसरे दिन 27 अप्रैल को
दीपक को दूल्हा बनकर जाना था। गाजे-बाजे के साथ दीपक दूल्हा बनकर गया था।
आज दोपहर जब वह अपनी नई नवेली दुल्हन को लेकर गांव पहुंचा था। वहां पर
थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौजूद थे। गाड़ी से उतरते ही पुलिस ने दीपक
को हिरासत में ले लिया। जबकि लौटे सारे बाराती यह नही समझ पा रहे थे कि
आखिर माजरा क्या है। पुलिस तो तत्काल ही पकड़ कर दीपक को थाने ले जा रही
थी। लेकिन घर वालों के विशेष अनुरोध पर शादी की अन्य रश्मे पुलिस
कर्मियों की कस्टडी में पूरी करायी गयी और उसके बाद पुलिस दीपक को अपने
साथ ले गयी।
दूल्हा बनकर गया है। वहां से लौटने पर उसको जेल जाना पड़ेगा। हुआ यूं कि
जिस दिन इन लोगों ने संजय को मारापीटा था। उसके दूसरे दिन 27 अप्रैल को
दीपक को दूल्हा बनकर जाना था। गाजे-बाजे के साथ दीपक दूल्हा बनकर गया था।
आज दोपहर जब वह अपनी नई नवेली दुल्हन को लेकर गांव पहुंचा था। वहां पर
थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौजूद थे। गाड़ी से उतरते ही पुलिस ने दीपक
को हिरासत में ले लिया। जबकि लौटे सारे बाराती यह नही समझ पा रहे थे कि
आखिर माजरा क्या है। पुलिस तो तत्काल ही पकड़ कर दीपक को थाने ले जा रही
थी। लेकिन घर वालों के विशेष अनुरोध पर शादी की अन्य रश्मे पुलिस
कर्मियों की कस्टडी में पूरी करायी गयी और उसके बाद पुलिस दीपक को अपने
साथ ले गयी।

