बेटी से रेप के आरोपी ने दी जान, पढ़े दुखियारे बाप की आखरी चिठ्ठी
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आरिफ हुसैनी
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक पिता ने बेटी की ओर से रेप का आरोप लगाए जाने के बाद मौत को गले लगा लिया। अपनी आखिरी चिट्ठी में पिता ने अपनी बेटी और उसके दोस्तों पर जायदाद हड़पने का आरोप लगाते हुए एक भावुक चिट्ठी लिखी है। पिता की मौत के बाद अब पुलिस चिट्ठी में लिखे तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है।
मृतक रामशंकर पाल ने मौत को गले लगाने से पहले 14 पन्नों का एक खत लिखा है जिसमें लिखा है कि उनकी बेटी और उसके दोस्तों ने मिलकर उसके खिलाफ साजिश रची। रामशंकर के खिलाफ उनकी ही बेटी ने रेप का आरोप लगाया है। 25 अप्रैल को उनकी बेटी ने पुलिस में अपने पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी आखिरी चिट्ठी में रामशंकर ने लिखा है कि बेटी मैं कहता था ना कि तू धोखेबाज है। तू जो कहती है वो करती नहीं और जो करती है वो कहती नहीं। अब तो तुझे शांति मिल गई होगी। 2008 से मुझे मारने की कोशिश कर रही थी पर मैं बचता रहा। पर 2016 में तेरा ये सपना पूरा हो गया।
पाल ने लिखा कि एक साजिश के तहत तूने ये सब काम किया और सबको तबाह कर दिया। एक गिरगिट की तरह तुम रंग बदलती रही तभी मैं जान गया था कि तुम कुछ बड़ा बम फोड़ने वाली हो। मैं जा रहा हूं पर ये एक बाप का श्राप है कि तुम कभी सुखी नहीं रहोगी। मुझे तो मेरी सजा मिल गई पर तुम्हें जो सजा मिलेगी उसका एहसास तुम्हें नहीं है। अब तक तुम धोखा दे रही थीं सबको पर पहली बार मैं धोखा दे रहा हूं। पहली बार मैं तुमसे जीत गया हूं। पहले भी तुमसे पूछा था आज भी पूछता हूं कि तुम ऐसा क्यों करती हो।
रामशंकर की इस चिट्ठी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस इस चिट्ठी में लिखी बातों के साथ ही इस बात को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है कि कहीं रामशंकर ने रेप के आरोपों के डर से तो ऐसा कदम नहीं उठाया है।
रामशंकर के परिजनों ने बताया कि वो अपने परिवार से अलग रहता था। उसके माता-पिता भी अलग रहते थे। अपने बेटे की मौत की खबर सुनकर मौके पर पहुंचे रामशंकर के पिता ने भी उस पुलिस रिपोर्ट के डर को अपने बेटे की मौत का कारण माना। पुलिस मामले की जांच कर रही है ।
मृतक रामशंकर पाल ने मौत को गले लगाने से पहले 14 पन्नों का एक खत लिखा है जिसमें लिखा है कि उनकी बेटी और उसके दोस्तों ने मिलकर उसके खिलाफ साजिश रची। रामशंकर के खिलाफ उनकी ही बेटी ने रेप का आरोप लगाया है। 25 अप्रैल को उनकी बेटी ने पुलिस में अपने पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी आखिरी चिट्ठी में रामशंकर ने लिखा है कि बेटी मैं कहता था ना कि तू धोखेबाज है। तू जो कहती है वो करती नहीं और जो करती है वो कहती नहीं। अब तो तुझे शांति मिल गई होगी। 2008 से मुझे मारने की कोशिश कर रही थी पर मैं बचता रहा। पर 2016 में तेरा ये सपना पूरा हो गया।
पाल ने लिखा कि एक साजिश के तहत तूने ये सब काम किया और सबको तबाह कर दिया। एक गिरगिट की तरह तुम रंग बदलती रही तभी मैं जान गया था कि तुम कुछ बड़ा बम फोड़ने वाली हो। मैं जा रहा हूं पर ये एक बाप का श्राप है कि तुम कभी सुखी नहीं रहोगी। मुझे तो मेरी सजा मिल गई पर तुम्हें जो सजा मिलेगी उसका एहसास तुम्हें नहीं है। अब तक तुम धोखा दे रही थीं सबको पर पहली बार मैं धोखा दे रहा हूं। पहली बार मैं तुमसे जीत गया हूं। पहले भी तुमसे पूछा था आज भी पूछता हूं कि तुम ऐसा क्यों करती हो।
रामशंकर की इस चिट्ठी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस इस चिट्ठी में लिखी बातों के साथ ही इस बात को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है कि कहीं रामशंकर ने रेप के आरोपों के डर से तो ऐसा कदम नहीं उठाया है।
रामशंकर के परिजनों ने बताया कि वो अपने परिवार से अलग रहता था। उसके माता-पिता भी अलग रहते थे। अपने बेटे की मौत की खबर सुनकर मौके पर पहुंचे रामशंकर के पिता ने भी उस पुलिस रिपोर्ट के डर को अपने बेटे की मौत का कारण माना। पुलिस मामले की जांच कर रही है ।

