बाल्मीकि रामायण में उजागर है श्रीराम का जन्म: रंजीत
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बाराबंकी। श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण न्यास के प्रदेश अध्यक्ष रंजीत बहादुर श्रीवास्तव ने अपने बयान में कहा कि भगवान श्री राम प्रकट नहीं अपित उनका जन्म हुआ। इस सन्दर्भ में सलंग्न बाल्मीकि रामायण के बाल काण्ड के नवम् सर्गः का पाँचवां श्लोक प्रस्तुत है। जिसमें कौशल्या जी के गर्भ से श्री राम के जन्म का उल्लेख है। इसी सर्गः के ग्यारहवें श्लोक में उनका नामकरण संस्कार का भी साक्ष्य प्रस्तुत किया जिसमें उनका नाम करण राम के रूप में उल्लेखित है। विशेष ज्ञान के लिए बाल्मीकि रामायण के प्रथम सर्गः, तृतीय सर्गः, षष्ठः सर्गः, सप्तमः सर्गः के श्लोक भी संलग्न किये हैं जिसमें महार्षि बाल्मीकि ने मनुष्य के रूप में उनके गुणों से युक्त भगवान राम के विषय में देवर्षि नारद ने विस्तृत वितांत सुनाया है इसी में राजा दशरथ के पुत्रेस्ठ यज्ञ परिणाम स्वरूप हवन कुण्ड से दिव्य खीर की प्राप्ति पर माताओं को इसे ग्रहण करने के उपरान्त गर्भ धारण कर राजा दशरथ की प्रसन्नता और अपने तपोबल से इस ग्रन्थ को पूर्ण करने के लिए सम्पूर्ण राम के चरित्र को अपनी आँखों से प्रत्यक्ष देखने का उल्लेख है। भगवान के श्री राम के जन्म का यही प्रसंग श्री राम चरित मानस में भी उल्लेखित है। भगवान राम के नर रूपी जीवन चरित्र पर अज्ञानता वश हिन्दू समाज में भ्रम न फैलाने की अपील की। यह बातें आज बुधवार को नगर पालिका परिषद के चैयरमैन एवं श्री राम जन्म भूमि मन्दिर निर्माण न्यास के प्रदेश अध्यक्ष रंजीत बहादुर श्रीवास्तव ने अपने बयान में कहीं ।

