सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट धराशायी, तड़प रहे बेजुबान
https://husainijnp.blogspot.com/2016/04/blog-post_805.html
अजमी रिज़वी
मसौली बाराबंकीं। मुख्यमन्त्री के ड्रीम प्रोजेक्ट चक गजरिया में साहीवाल
नस्ल को बढ़ाने के मकसद से पाली जा रही। सैकड़ो गाय सूखे भूसें के सहारे
हैं तो वहीं इस तपती धूप से सुलग रही है बे जुबान गाय। जहांगीराबाद स्थित
बना चक गजरिया फार्म हाउस कहने को मुख्यमन्त्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है
लेकिन यहां मनमानी व लापरवाही की सजा बिन बोल के जानवर भुगत रहे है।
दुनिया में सबसे ज्यादा लोकप्रिय इस साहीवाल गाय के लिये दर्जनो कूलर लगे
है ताकी सुलगती धूप की तपिस से राहत दी जा सके लेकिन यह व्यवस्था सिर्फ
राम भरोसे है। महज शो पीस बनकर खड़े कूलर कभी नही चलते है। इसकी वजह कुछ
खराब है। तो कुछ की वायरिंग नही हैं। टीन से बने इनके आशियाने इस धूप में
आग के अंगारो के मानिन्द दहक रहे है। हमारे सवांददाता ने जब इसका मुआयना
किया तो यहां एक भी जिम्मेदार अफसर नही मिले। साहीवाल गाय की सेहत काफी
गिर गयी है। समय से पानी देने वाले कागज पर ड्यूटी बजा रहे है। अधिकारी
गायब है। कुछ लोग सूखा भूसा देते जरुर नजर आये। पूछने पर बताया कि साहब
हरा चारा नही आता तो हम क्या कर सकते है। ये भी बताया की पहले रोज गाय को
नहलाया जाता था। अब कभी कभी ऐसा हो रहा हैं। इस माहौल में सबसे ज्यादा
गर्भवती व दुधारु गाय परेशान है। परिसर में लगी पानी टंकी खौलता पानी उगल
रही है। जिसे गाहे बगाहे गायों को परोसा जाता है। गैर जिम्मेदारी से अब
तक कई गाय की मौत भी हो चुकी है। जिसे बीमार दिखा कर अधिकारी अपने को बचा
लेते है। इस बाबत जब अधीक्षक एमपी सिंह से पूछा गया तो ये कह कर फोन काट
दिया की हम वहां मौजूद नही है। जब आयेंगे तो आना।

