जौनपुर। भगवान केवल भाव के भूखे हैं। भगवान श्रीकृष्ण जब शांतिदूत बनकर हस्तिनापुर आये तो दुर्योधन की मेवाओं को त्याग करके विदुर की कुटिया पर पहुंचे और केले के छिलकों का भोग लगाये। उक्त विचार नगर के सुल्तानपुर रसूलाबाद के चुंगी के पास आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ महोत्सव के प्रथम दिन पं. मदन मोहन जी महाराज बृजवासी ने व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने कपिलदेव हूति संवाद का वर्णन करते हुये कहा कि भगवान कपिल ने माता देवहुति को सांख्य शास्त्र का उपदेश दिया। इस दौरान उन्होंने भक्तों को धु्रव, प्रहलाद चरित्र, अजामित्र उपाख्यान आदि का भक्तिमय प्रसंगों को बड़े ही सहज ढंग से श्रवण कराया। अन्त में बामन भगवान की झांकी का दर्शन करके उपस्थित भक्तजन भाव-विभोर हो गये। इस अवसर पर राज नारायण सिंह, सावित्री सिंह, अदालती यादव, प्रदीप सिंह साईं, डा. शुचि, किरन, राहुल, संतोष सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।