प्रियंका पहुंची हैदरगढ़ सीएचसी, अवव्यस्था देख हुई नाराज
https://husainijnp.blogspot.com/2016/04/blog-post_854.html
अजमी रिज़वी
हैदरगढ़, बाराबंकी। बीमार मरीजों का हाल-चाल लेने देर शाम सामुदायिक स्वास्थ केन्द हैदरगढ़ पहुॅची सांसद प्रियंका रावत ने वहां पर अव्यवस्था देख नाराज हुई। सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र अधीक्षक नदारद मिले। मरीजों के रूम में गंदगी का अम्बार लगा था। मात्र इक्का दुक्का डाक्टर मरीजों का इलाज कर रहे थे। भीषण गर्मी में कमरों के पंखे बंद पड़े थे। इसी तरह कई अन्य समस्याओं को देखकर सांसद प्रियंका सिंह गुस्सा जमकर फूटा। उन्होने तत्काल सीएमओ रवीन्द्र पोरवाल से फोन वार्ता की सारी समस्याओं से अवगत कराया और जमकर फटकार लगायी। पास में खड़े डाक्टर साहब से जब सांसद ने पूछा कि अधीक्षक कहां है तो डाक्टर साहब का जवाब मिला अधिक्षक की बाहर गये है उन्होने तत्काल अधिक्षक को फोन लगाकर जमकर फटकार लगायी। अधिक्षक साहब से सांसद ने पूछा कि सारी व्यवस्थायें होते हुये भी मरीजों को इसका लाभ क्यों नही दिया जा रहा हे तो अधिक्षक साहब ने जवाब दिया कि आज अवकाश है। उग्रसेन सिंह, रणजीत सिंह, शिवप्रताप सिंह, आसुतोष सिह, नरसिंह, खुशीराम, रवीन्द्र कुमार, शिवप्रसाद सहित आदि लोगो से सांसद ने पूछा कि क्या अब सबको आराम है दवाये मिल रही है तो मरीजों का गुस्सा चिकित्सकों के प्रति जमकर फूटा और कहा साहब सुबह मात्र एक टेबलेट दिया गया है और हम लोगों को सुबह से मात्र एक दो बार ग्लूकोज दिया गया है कहां साहब अभी तक बराबर दस्त पड़ रहे है, पेट में बराबर दर्द बना हुआ है बुखार की शिकायत है डाक्टरों को कहने पर भी डाक्टरों द्वारा इलाज नही किया जा रहा है पंखे बंद पडे़, गंदगी का अम्बार लगा हुआ है शौचालयों की अभी तक कोई सफाई नही की गयी हैं। दवाओं का रोना है। स्वास्थ में कोई सुधार अभी तक नही हुआ है। राजेश कुमार गुप्ता, खुशीराम, रवीन्द्र कुमार सहित मरीजों ने बताया कि दवाये बाहर से लिखी जा रही हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या लगभग 50 है। इसके अलावा लगभग 30 लोग जाकर मजबूरन प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर है।
हैदरगढ़, बाराबंकी। बीमार मरीजों का हाल-चाल लेने देर शाम सामुदायिक स्वास्थ केन्द हैदरगढ़ पहुॅची सांसद प्रियंका रावत ने वहां पर अव्यवस्था देख नाराज हुई। सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र अधीक्षक नदारद मिले। मरीजों के रूम में गंदगी का अम्बार लगा था। मात्र इक्का दुक्का डाक्टर मरीजों का इलाज कर रहे थे। भीषण गर्मी में कमरों के पंखे बंद पड़े थे। इसी तरह कई अन्य समस्याओं को देखकर सांसद प्रियंका सिंह गुस्सा जमकर फूटा। उन्होने तत्काल सीएमओ रवीन्द्र पोरवाल से फोन वार्ता की सारी समस्याओं से अवगत कराया और जमकर फटकार लगायी। पास में खड़े डाक्टर साहब से जब सांसद ने पूछा कि अधीक्षक कहां है तो डाक्टर साहब का जवाब मिला अधिक्षक की बाहर गये है उन्होने तत्काल अधिक्षक को फोन लगाकर जमकर फटकार लगायी। अधिक्षक साहब से सांसद ने पूछा कि सारी व्यवस्थायें होते हुये भी मरीजों को इसका लाभ क्यों नही दिया जा रहा हे तो अधिक्षक साहब ने जवाब दिया कि आज अवकाश है। उग्रसेन सिंह, रणजीत सिंह, शिवप्रताप सिंह, आसुतोष सिह, नरसिंह, खुशीराम, रवीन्द्र कुमार, शिवप्रसाद सहित आदि लोगो से सांसद ने पूछा कि क्या अब सबको आराम है दवाये मिल रही है तो मरीजों का गुस्सा चिकित्सकों के प्रति जमकर फूटा और कहा साहब सुबह मात्र एक टेबलेट दिया गया है और हम लोगों को सुबह से मात्र एक दो बार ग्लूकोज दिया गया है कहां साहब अभी तक बराबर दस्त पड़ रहे है, पेट में बराबर दर्द बना हुआ है बुखार की शिकायत है डाक्टरों को कहने पर भी डाक्टरों द्वारा इलाज नही किया जा रहा है पंखे बंद पडे़, गंदगी का अम्बार लगा हुआ है शौचालयों की अभी तक कोई सफाई नही की गयी हैं। दवाओं का रोना है। स्वास्थ में कोई सुधार अभी तक नही हुआ है। राजेश कुमार गुप्ता, खुशीराम, रवीन्द्र कुमार सहित मरीजों ने बताया कि दवाये बाहर से लिखी जा रही हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या लगभग 50 है। इसके अलावा लगभग 30 लोग जाकर मजबूरन प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर है।

