DM ने राजस्व कार्यो में तेजी लाने के दिये निर्देश
https://husainijnp.blogspot.com/2016/04/dm.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी । जिलाधिकारी अजय यादव ने उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को राजस्व कार्यो में तेजी लाने के निर्देश देते हुए अपेक्षा की है कि राजस्व कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करें और सही समय पर सही व्यक्ति तक कार्यक्रमों को पूरी पारदर्शिता के साथ पहुॅचाया जाये। जिलाधिकारी डीआरडीए सभागार में राजस्व कार्यो सहित विभिन्न राजस्व कार्यक्रमों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होने कहा कि वर्ष 2016-17 के राजस्व के वार्षिक लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु प्रत्येक माह लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति सुनिश्चित की जाये।
जिलाधिकारी ने वादों का निस्तारण, राजस्व वसूली, तहसील दिवस मामले एवं अन्य सन्दर्भो का निस्तारण सहित विभिन्न राजस्व कार्यो की समीक्षा की। उन्होने कहा कि उ0प्र0 राजस्व संहिता नियमावली 2016 लागू हो गयी है। इस संहिता के तहत राजस्व कार्यो को समयबद्धता के साथ पूरा किया जाना अनिवार्य है। समयबद्धता से राजस्व कार्यो को पूरा न किये जाने पर राजस्व अधिकारी को उस सम्बन्ध में स्पष्ट कारण बताना होगा।
विविध देयों की वसूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि तहसीलवार बड़े बकायेदारों से प्राथमिकता के आधार पर वसूली सुनिश्चित की जाये। वसूली की प्रगति की ऑनलाइन फीडिंग में अपेक्षित गति न पाये जाने पर जिलाधिकारी ने असन्तोष व्यक्त किया। उन्होने कहा कि वसूली की अमीनवार फीडिंग करायी जाये और सभी तहसीलों में अमीनवार वसूली समीक्षा हो।
जिलाधिकारी ने बैठक में चकबन्दी कार्यो की समीक्षा की। वर्ष 2015-16 में कुल 94 गांव चकबन्दी प्रक्रिया में थे। जिलाधिकारी ने चकबन्दी कार्य की प्रगति के साथ चकबन्दी अधिकारीवार न्यायालय में लम्बित वादों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि वादों के निस्तारण में तेजी लायी जाये।
बैठक में अपर जिलाधिकारी हरिकेश चौरसिया, उपसंचालिक चकबन्दी, सहित सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद थे ।
बाराबंकी । जिलाधिकारी अजय यादव ने उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को राजस्व कार्यो में तेजी लाने के निर्देश देते हुए अपेक्षा की है कि राजस्व कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करें और सही समय पर सही व्यक्ति तक कार्यक्रमों को पूरी पारदर्शिता के साथ पहुॅचाया जाये। जिलाधिकारी डीआरडीए सभागार में राजस्व कार्यो सहित विभिन्न राजस्व कार्यक्रमों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होने कहा कि वर्ष 2016-17 के राजस्व के वार्षिक लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु प्रत्येक माह लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति सुनिश्चित की जाये।
जिलाधिकारी ने वादों का निस्तारण, राजस्व वसूली, तहसील दिवस मामले एवं अन्य सन्दर्भो का निस्तारण सहित विभिन्न राजस्व कार्यो की समीक्षा की। उन्होने कहा कि उ0प्र0 राजस्व संहिता नियमावली 2016 लागू हो गयी है। इस संहिता के तहत राजस्व कार्यो को समयबद्धता के साथ पूरा किया जाना अनिवार्य है। समयबद्धता से राजस्व कार्यो को पूरा न किये जाने पर राजस्व अधिकारी को उस सम्बन्ध में स्पष्ट कारण बताना होगा।
विविध देयों की वसूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि तहसीलवार बड़े बकायेदारों से प्राथमिकता के आधार पर वसूली सुनिश्चित की जाये। वसूली की प्रगति की ऑनलाइन फीडिंग में अपेक्षित गति न पाये जाने पर जिलाधिकारी ने असन्तोष व्यक्त किया। उन्होने कहा कि वसूली की अमीनवार फीडिंग करायी जाये और सभी तहसीलों में अमीनवार वसूली समीक्षा हो।
जिलाधिकारी ने बैठक में चकबन्दी कार्यो की समीक्षा की। वर्ष 2015-16 में कुल 94 गांव चकबन्दी प्रक्रिया में थे। जिलाधिकारी ने चकबन्दी कार्य की प्रगति के साथ चकबन्दी अधिकारीवार न्यायालय में लम्बित वादों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि वादों के निस्तारण में तेजी लायी जाये।
बैठक में अपर जिलाधिकारी हरिकेश चौरसिया, उपसंचालिक चकबन्दी, सहित सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद थे ।

