डीएम ने दिये वसूली के आदेश, डीपीआरओ सहित 15 दोषी करार
https://husainijnp.blogspot.com/2016/05/15_25.html
हैदरगढ़, बाराबंकी। त्रिवेदीगंज ब्लाक की ग्राम पंचायतों त्रिवेदीगंज, कोलहदा, देवीपुर तथा छन्दरौली में मनरेगा योजना के अन्तर्गत कराये गये विकास कार्यो में 3.5 लाख रूपयें की वित्तीय अनियमितता के मामले में अन्ततः डीपीआरओ सहित अधिकारी, ग्राम प्रधान, तकनीकी सहायक सहित कुल 15 लोगों पर कार्यवाही होना तय है। वर्ष 2008 से वर्ष 2011 के मध्य कराये गये उपरोक्त पंचायतो के विकास कार्यो में घोटाले की पोल खुलना तब शुरू हुआ जब सामाजिक अंकेक्षण कोआर्डिनेटर मनरेगा राघवेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा विभागीय अधिकारियों से शिकायत की गयी। शिकायत करने से नाराज जिम्मेदार अधिकारियों ने राघवेन्द्र प्रताप सिंह को उनके पद से हटा दिया गया। तथा मामले को रफा दफा कर दिया गया। राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने फैजाबाद मंडल के आयुक्त को अपनी रिपोर्ट भेजकर शिकायत दर्ज करायी थी। फैजाबाद मंडल की टास्कफोर्स की तकनीकी कमेटी ने इन ग्राम पंचायतों के मनरेगा कार्यो की पुनः जांच की और अनियमितता पकड़ी। आयुक्त ग्राम विकास लखनऊ के हस्तक्षेप पर अजय यादव जिलाधिकारी बाराबंकी ने दोषी पाये गये तत्कालीन डीपीआरओ सहित 11 अधिकारियों तथा 4 तत्कालीन ग्राम प्रधानों से गबन की धनराशि वसूली के आदेश दिये है। साथ ही सभी दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश जारी किया है।
इन लोगों पर दोष तय
तत्कालीन डीपीआरओ चन्द्रिका प्रसाद, बीडीओ सुमन लता, संतोष मौर्य व दयाराम, सचिव मो. सिद्दकी, शिवाकांत सिंह पतीराम, संविदा तकनीकी सहायक शिवनारायण मौर्य, के.के यादव, जयंत रंजन, दीपक मिश्र व बालकृष्ण, तत्कालीन ग्राम प्रधान पूनम शुक्ल, मो. मोबीन, पिंकी वर्मा तथा महेश वर्मा।
क्या था मामला?
सामाजिक अंकेक्षण कोआर्डिनेटर राघवेन्द्र प्रताप सिंह की रिपोर्ट में त्रिवेदीगंज ग्राम पंचायत में खडंजा निर्माण में राज्य वित्त आयोग एवं मनरेगा से तीस-तीस हजार रूपयें तथा पाइप खरीद में ग्यारह हजार पाँच सौ तैतीस रूपये की अनियमितता की गयी। त्रिवेदीगंज ब्लाक के कोलहदा, त्रिवेदीगंज, देवीपुर व छंदरौली में वर्ष 2008 से 2011 के मध्य कार्य कराये गये थे। इसी तरह कोलहदा ग्राम पंचायम में बेलहरी तक सम्पूर्ण मार्ग में 61,887.00 रूपयें का फर्जी भुगतान कर दिया गया। इसी प्रकार देवीपुर में पक्का नाला निर्माण में 36 मी0 नाले का फर्जी भुगतान कराया गया। 445 मी0 के स्थान पर 409 मी0 ही नाला निर्माण कराया गया। इसी प्रकार पंचायत छंदरौली में पाइप खरीद व साइन बोर्ड की मद में गबन किया गया। यह वित्तीय अनियमितता फैजाबाद मंडल की टास्क फोर्स ने पकड़ी थी। जिसके बाद शिकायतकर्ता सामाजिक अंकेक्षण कोआर्डिनेटर को ही पद से हटा दिया गया था।
इन लोगों पर दोष तय
तत्कालीन डीपीआरओ चन्द्रिका प्रसाद, बीडीओ सुमन लता, संतोष मौर्य व दयाराम, सचिव मो. सिद्दकी, शिवाकांत सिंह पतीराम, संविदा तकनीकी सहायक शिवनारायण मौर्य, के.के यादव, जयंत रंजन, दीपक मिश्र व बालकृष्ण, तत्कालीन ग्राम प्रधान पूनम शुक्ल, मो. मोबीन, पिंकी वर्मा तथा महेश वर्मा।
क्या था मामला?
सामाजिक अंकेक्षण कोआर्डिनेटर राघवेन्द्र प्रताप सिंह की रिपोर्ट में त्रिवेदीगंज ग्राम पंचायत में खडंजा निर्माण में राज्य वित्त आयोग एवं मनरेगा से तीस-तीस हजार रूपयें तथा पाइप खरीद में ग्यारह हजार पाँच सौ तैतीस रूपये की अनियमितता की गयी। त्रिवेदीगंज ब्लाक के कोलहदा, त्रिवेदीगंज, देवीपुर व छंदरौली में वर्ष 2008 से 2011 के मध्य कार्य कराये गये थे। इसी तरह कोलहदा ग्राम पंचायम में बेलहरी तक सम्पूर्ण मार्ग में 61,887.00 रूपयें का फर्जी भुगतान कर दिया गया। इसी प्रकार देवीपुर में पक्का नाला निर्माण में 36 मी0 नाले का फर्जी भुगतान कराया गया। 445 मी0 के स्थान पर 409 मी0 ही नाला निर्माण कराया गया। इसी प्रकार पंचायत छंदरौली में पाइप खरीद व साइन बोर्ड की मद में गबन किया गया। यह वित्तीय अनियमितता फैजाबाद मंडल की टास्क फोर्स ने पकड़ी थी। जिसके बाद शिकायतकर्ता सामाजिक अंकेक्षण कोआर्डिनेटर को ही पद से हटा दिया गया था।

