9 मई को सीधी आंखो से न देखें सूर्य
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बाराबंकी। वर्ष 2016 की सबसे दुर्लभ एवं आकर्षक खगोलीय घटना 09 मई, 2016
को घटित होगी। 09 मई को बुध ग्रह सूर्य के सामने से होकर गुजरेगा। यह
घटना बुध पारगमन कहलाएगी। बुध पारगमन शाम को 04ः42 बजे से सूर्यास्त तक
होगा। बुध पारगमन खगोलीय घटना के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए मुख्य
विकास अधिकारी ऋषिरेन्द्र कुमार ने बताया कि शताब्दी में यह घटना 13-14
बार ही घटित होती है। इसके बाद यह घटना वर्ष 2019 में ही दिखाई देगी।
सीडीओ ने इस घटना को दिखाने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समाज
कल्याण अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को उत्तरदायित्व सौंपा है। यह
अधिकारी अपने विभाग से सम्बन्धित विद्यालयों में छात्रों को उक्त खगोलीय
घटना को दिखाने की व्यवस्था सुनिश्चित करायेंगे। सीएमओ से भी अपेक्षा की
गयी है कि इस खगोलीय घटना को दिखाने में विभागीय सहयोग करें। सीडीओ ने
बताया कि 09 मई, 2016 को बुध ग्रह सूर्य के सामने से गुजरेगा, जो एक
बिन्दु के रूप में दिखाई देगा। उन्होने बुध पारगमन के दौरान बरती जाने
वाली सावधानियों के बारे में बताया कि कभी भी सूर्य को सीधे ऑखों से न
देखे। सूर्य को दूरबीन या बाइनाक्यूलर से सीधा देखने का प्रयास कभी न
करें। रंगीन फिल्म, धूप के चश्में, एक्स-रे फिल्मस आदि का प्रयोग बुध
पारकमन देखने में न करें, इससे ऑखे खराब हो सकती है। कॉच या रंगीन पानी
द्वारा परावर्तित सूर्य को कीाी न देखें। सूर्य के प्रतिबिम्ब को पिन होल
से छायायुक्त दिवार पर प्रक्षेपित कर देख सकते है। दूरबीन से सीधे बुध
पारगमन अवलोकन करने के लिए प्रमाणित सौल फिल्टर का ही उपयोग करें।
वैज्ञानिक तरीके से जॉचे गये प्रमाणित सौर फिल्टर्स को ही उपयोग में
लायें। सूर्य, पृथ्वी और बुध ग्रह के आपसी सम्बन्धों के बारे में जानकारी
देते हुए जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक राजकमल श्रीवास्तव ने बताया कि
अगर हम बुध ग्रह की सतह पर खड़े हो तो हमें सूर्य पृथ्वी पर से दिखने वाले
सूर्य का तीन गुना बड़ा दिखाई देगा। उन्होने बताया कि किसी ग्रह का सूर्य
की चकती के सामने से होकर गुजरना ही पारगमन कहलाता है। पृथ्वी पर से हम
सिर्फ दो ग्रहों का पारगमन देख सकते है, वह है बुध एवं शुक्र। अगर बुध
ग्रह एवं पृथ्वी सूर्य के चारो ओर एक ही तल में चक्कर लगाती होती तो हमें
पारगमन की घटना बार-बार देखने को मिलती, किन्तु बुध ग्रह की कक्षा पृथ्वी
की कक्षा से 7 डिग्री झुकी हुई है इसलिए हमें पारगमन तभी देखने को मिलता
है जब सूर्य पृथ्वी एवं बुध तीनों एक ही तल में हो।

