इब्ने हसन के निधन पर गांधी भवन में शोकसभा आयोजित
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बाराबंकी। छात्र राजनीति के किंग मेकर, प्रख्यात साम्यवादी नेता इब्ने
हसन के निधन पर गांधी भवन में गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट द्वारा शोकसभा
का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता समाजवादी नेता राजनाथ शर्मा ने की
तथा संचालन सपा नेता हुमायूं नईम खां ने किया। इस मौके पर सभा को
सम्बोधित करते हुए श्री शर्मा ने बताया कि स्व. इब्ने हसन ने लखनऊ
विश्वविद्यालय से छात्र राजनीति की शुरूआत करते हुए कई छात्रों को छात्र
यूनियन का पदाधिकारी बनाया। लखनऊ विश्वविद्यालय में उनके समकालीन छात्र
नेताओं में पूर्व जस्टिस सैयद हैदर अब्बास रज़ा, श्याम लाल बाजपेई,
सत्यदेव त्रिपाठी, अमीर हैदर, पंडित राम अवतार दीक्षित, अब्दुल मन्नान,
शहीरूल उस्मानी, संदीप यादव शमिल थे। वह आन्दोलनों में रहते हुए कई बार
जेल में यातनाए भी सही। बेबाक और मिलनसार व्यक्तित्व ही उनकी पहचान थी।
स्व. हसन का गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट की गतिविधियों से बेहद लगाव था।
उनको गांधी जयंती के कार्यक्रम में यूसुफ मेहर अली सदभावना अवार्ड से
सम्मानित भी किया गया था। श्री शर्मा ने बताया कि स्व. हसन कम्यूनिस्ट
पार्टी से कांग्रेस में शामिल हुए। उनके पूर्व प्रधानमंत्री इन्दिरा
गांधी, अटल बिहारी बाजपेई, चन्द्रशेखर से बेहद अच्छे रिश्ते रहे। उन्होने
स्व. इब्ने हसन के बारे में कहा कि ’’इब्ने हसन नाम है, संघर्षशील,
तरूणाई, अंगड़ाई और इंकलाब के अरहवाहन का।’’ इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार
रिज़वान मुस्तफा ने कहा कि आज समाज से एक और गरीबों और मजलूमों का रहनुमा
नही रहा। उनकी गतिविधियां और उनके विचार आज भी समाज को दर्शन दे रहे है।
वह साम्प्रदायिक सौहार्द के प्रतीक थे। उनकी कमी को पूरा नहीं किया जा
सकता है। शोक सभा में मुख्य रूप से चच्चा अमीर हैदर, मृत्युंजय शर्मा,
विनय कुमार सिंह, एहतिशाम खान, अनुपम सिंह राठौर, आसिफ हुसैन, पाटेश्वरी
प्रसाद, प्रभाकर सिंह, नीरज दूबे सहित कई लोगों ने दिवंगत आत्मशान्ति की
प्रार्थना की।

