तंत्र मंत्र का ढोंग रच करता था यौन शोषण
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। बांझ औरतों की कोख हरी करने का दावा करने वाले ढांेगी बाबा
स्वामी परमानन्द पर आखिरकार मुकदमा दर्ज हो गया। यह बाबा पिछले कई सालोंसे तमाम औरतों को अपनी हवस का शिकार बना चुका था। आज एक पुलिस उपनिरीक्षक
द्वारा कोतवाली देवा में बाबा पर बहला-फुसला एवं धर्म की आंड़ में धोखा
देकर महिलाओं का यौन शोषण करने की सुसंगत धाराओं में आखिरकार मुकदमा दर्ज
कराया गया। कोतवाली देवा क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम हर्रई में जय मां काली
शक्तिपीठ के नाम से मशहूर तथाकथित मंदिर संस्थापक स्वामी परमानन्द द्वारा
चलाये जा रहे सेक्स रैकेट का वीडियो वायरल होने के बाद से ढ़ोगी बाबा अपने
धाम से नदारद बताया जा रहा है। इसके ऊपर कोतवाली देवा अन्तर्गत कई गम्भीर
अपराधों में मामले भी दर्ज हैं। गौर करने वाली बात यह है कि बतौर भक्त
इसकेे पास सबसे ज्यादा महिलाओं का आना-जाना लगा रहता है। आज उस शक्तिपीठ
में करीब पचास की संख्या में औरतों का जमावड़ा तो दिखा लेकिन बाबा मौके से
फरार रहा। सूत्रों की माने तो, सोशल मीडिया में जो वीडियो वायरल हुआ, वह
इसी बाबा का है। वीडियो में जो व्यक्ति दिखा, वह कोई और नहीं बल्कि
स्वामी परमानन्द ही है। बाराबंकी जनपद में इतने बड़े सेक्स रैकेट का
संचालन इसी के धाम से किया जा रहा है। विभिन्न समाचार पत्रों एवं टीवी
चैनलों पर खबर प्रकाशित एवं प्रसारित होने के बाद से स्वामी अपने धाम से
गायब बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह ढोंगी बाबा उन महिलाओं पर
खासकर मेहरबान होता है, जोकि किसी शारीरिक समस्या के चलते मां बनने में
अक्षम होती हैं। खास बात यह है कि पहले यह अपने तंत्र-मंत्र द्वारा महिला
को सम्मोहित करता है। उसके बाद उसे अपनी हवस का शिकार बनाता है। हालांकि
अभी तक कोई भी महिला आरोप लगाने के उद्देश्य से सामने नहीं आयी है। लेकिन
आज पुलिस ने स्वतः मामले का संज्ञान लेते हुए उक्त ढोंगी बाबा स्वामी
परमानन्द के विरुद्ध मुकदमा सं-132/2016 में धारा 68 (1)/ए तथा 420
आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया। मुकदमा वादी और कोई नही बल्कि कोतवाली
देवा में बतौर उपनिरीक्षक तैनात श्याम सुन्दर बिंद हैं। आज दोपहर आधा
सैकड़ा औरतें बाबा के आश्रम के बाहर स्वामी परमानन्द का इंतजार कर रही
थीं। आश्रम में मौजूद बाबा का स्टाफ महिलाओं को यह बताने में जुटा था कि
बाबा आज यहां मौजूद नहीं है। सूत्रों के अनुसार, बाबा के सम्बन्ध कई
उच्चाधिकारियों से हैं। जिसके कारण पुलिस भी बाबा पर हाथ डालने से अभी तक
कतरा रही थी। साथ ही कई आईएएस, पीसीएस, आईपीएस अधिकारी सपत्नीक स्वामी
परमानन्द के आश्रम पर सलाम ठोंकते हैं। बाबा का अपराधों से काफी पुराना
रिश्ता रहा है। जिसके चलते स्वामी परमानन्द पर शुरूआत में कई बार
पुलिसिया डण्डा की मेहरबानी भी रही। इसके बाद इसने उच्चाधिकारियों को
अपने जाल में फंसाना शुरू किया। जिसके बाद से तो जैसे इस ढ़ोगी बाबा की
किस्मत ही खुल गई। पुलिस ने आज सुसंगत धाराओं में स्वामी परमानन्द के
विरूद्ध मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
