‘नशीली ताड़ी‘ के नशे में बरबाद हो रही युवा पीढ़ी
https://husainijnp.blogspot.com/2016/05/blog-post_359.html
बाराबंकी। हर नशा जानलेवा होता है। फिर चाहे प्यार का हो, चाहे दौलत का,
चाहे खूबसूरती का या फिर ताड़ी का। बड़ा अजीब सा नाम है न ‘ताड़ी‘। गवईं,
गांव, देहातों, ऊसर, बंजर, रेगिस्तान, कब्रिस्तान, हिन्दुस्तान,
पाकिस्तान, ईरान अरे कहीं भी जायें जनाब ताड़ का पेड़ मिलेगा तो ताड़ी भी
मिलेगी। कहीं कहीं खजूर से भी निकाल लेते हैं। खैर, ताड़ी वैसे होती बड़ी
फायदेमंद है। लेकिन अगर शुद्ध ताड़ी में कोई भी रसायनिक तत्व मिला दिया
गया। तो नशे की मात्रा भले ही बढ़ जाती हो, लेकिन नुकसान शत प्रतिशत होता
ही है। वही फायदेमंद ताड़ी जानलेवा हो जाती है। बाराबंकी में भी खूब ताड़ी
पीने वाले लोग हैं। जिन्हे हम ‘तड़ियल‘ कहते हैं। लेकिन दर्द यह सोच कर
होता है कि आखिरकार हर एक चीज में मिलावट क्यों होती है। बाराबंकी में तो
लोगों ने ताड़ी को भी मिलावटी बना डाला। चलिये सीधे मुद्दे पर आते हैं।
जिले के थाना सफदरगंज थाना क्षे़त्र के चन्दनपुरवा सहित जनपद के कई
स्थानों पर अवैध रुप से खतरनांक मिलावटी ताड़ी का कारोबार खूब फल फूल रहा
है। इससे नौजवानो की पौध तेजी से लती बनकर बर्बाद हो रही है। जी हां,
आबकारी और पुलिस विभाग के मौन रुप से गैर कानूनी धन्धा परवान चढ़ रहा है।
थाना मसौली के नेवला, करसन्डा, जहांगीराबाद के इस्माइलगंज, सफदरगंज के
चन्दनपुरवा, बदोसराय के हजरतपुर, मरकामऊ, किन्तूर, फतेहपुर के रसूलपुर
रामनगर के गनेशपुर मोड़ व तराई इलाको में देवां के बिशुनपुर आदि स्थानो पर
ताड़ के पेड़ो के नीचे अवैध रुप से दिन भर दुकाने सजी रहती है।
नशीली टेबलेट से तैयार हो रही ताड़ी
स्वास्थ्य कारणो से ताड़ी पीने वालो को जिस तरीके से मिलावटी जहरीली ताड़ी
परोसी जा रही है उससे तो उनकी सेहत खोखली हो रही है इसके कारोबारी नाम न
छापने के एवज में बताया की हम लोग इस काम को लाईसेन्स धारको से मिलकर काम
करते है बढ़ता खपत को देखते हुये मैन्डेक्स एलप्राक्स नेटराबेट टृाइका
टेबलेटस और अन्य पदार्थ को पानी में मिला कर तैयार करके ताड़ व खजूर के
पेड़ो के नीचे रख कर ताजा माल कह कर 30 रुपया प्रति बोतल बेंच देते है।
क्या कहते है नियम
आबकारी विभाग ने जिले में करीब 20 लाईसेन्स दे रखा है इसकी आड़ में ये
दुकानदार गांव गांव अपनी शाखाये खोल रखी है। नियम तो ये है की सिर्फ
दुकान पर पर इसकी बिक्री हो बाकी जगह बेचना अपराध है। लेकिन ठीक इसके
उलटा हो रहा है। इस बाबत एक रसौली का लाईसेन्स धारक वेद प्रकाश कहता है
कि क्या करे साहब पेड़ो के नीचे लोग ताजा माल समझकर अच्छे रेट से खरीद
लेतेे है हमारी मजबूरी है कई जगह दुकान लगाना।
तबाह हो रही नयी पीढ़ी
इसके विक्रेता और इनके आदमी खासकर युवाओ के बीच जाकर इस बात का प्रचाार
करते है की ताड़ी पीने से हैल्थ बनती है व जवानी और सेक्स क्षमता में
गुणात्मक वृदि होती है। इससे लोग ताड़ी पीने इनके अडडो पर जाते है इस तरह
आदी बनकर खुद को तबाह करके अपना सब कुछ बेंच कर फटीचर बन जाते है।
क्या बोले आबकारी अधिकारी
इस बाबत जब जिला आबकारी अधिकारी से पूछा गया तो बताया कि ताड़ी में मिलावट
खतरनांक है ये सिर्फ दुकानो पर ही बेची जा सकती है अगर ऐसा हो रहा है तो
हम कार्यवाही करेंगे।

