मौके से गायब हुआ सीएमएस, जिला महिला चिकित्सालय का मामला
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बाराबंकी। जिला महिला चिकित्सालय में बुधवार की दोपहर चिकित्सकों एवं
स्टाफ की लापरवाही के चलते एक प्रसूता को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने जमकर अस्पताल में हंगामा काटा। इतना ही
नहीं, अस्पताल में मौजूद स्टाफ नर्सों ने महिला परिजनों के साथ हाथापाई
भी की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना मोहम्मपुर खाला की चौकी सूरतगंज
अन्तर्गत ग्राम बरैया निवासी श्रवण कुमार वर्मा बीती 16/17 मई की
मध्यरात्रि करीब 12 बजे अपनी गर्भवती पत्नी सीमा देवी (22) वर्ष को जिला
महिला चिकित्सालय में प्रसव हेतु भर्ती कराया। पहले तो मौजूद स्टाफ ने
भर्ती करने में आनाकानी की। फिर जब काफी कहने पर भर्ती कर लिया, तो उसे
खून की जांच की रिपोर्ट को दिखाने को कहा। श्रवण ने जब गर्भवती सीमा की
खून की जांच की रिपोर्ट दिखायी तो मौजूद स्टाफ एवं डाक्टर ने साफ मना कर
दिया। चिकित्सक ने कहा कि यह रिपोर्ट विश्वसनीय नहीं है। हम नहीं
मानेंगे। चिकित्सकों ने श्रवण को शिवा नर्सिंग होम से जांच कराकर रिपोर्ट
लाने को कहा। श्रवण ने चिकित्सकों की बात मानी और 1050 रूपये देकर शिवा
नर्सिंग होम में जांच करायी। फिर रिपोर्ट लाकर डाक्टर को दिखायी। इसके
बाद डाक्टरों ने मंगलवार को श्रवण को बताया कि तुम्हारी पत्नी का बड़ा
आपरेशन किया जायेगा। अगर आपरेशन नहीं कराओगे तो तुम्हारी पत्नी या बच्चा
में से कोई एक ही बच पायेगा। हो सकता है कि दोनों की मौत हो जाये। श्रवण
ने मंजूरी दी और श्रवण से एक फार्म पर दस्तखत करा लिये गये। इसके बाद
मंगलवार को आपरेशन किया जाता है और दोपहर करीब 12 बजे सीमा एक सुन्दर से
पुत्र को जन्म देती है। जन्म के बाद सीमा को मैटरनिटी वार्ड के बेड
संख्या 03 पर भर्ती किया जाता है। तभी से शुरू होता है स्टाफ की मनमर्जी
का खेल। मंगलवार की शाम को सीमा अपने परिजनों से कहती है कि उसे बहुत
दर्द और जलन हो रही है। इस परिजन अस्पताल में मौजूद स्टाफ के पास जाते
हैं और प्रसूता की तकलीफ बताते हैं। लेकिन कामचोर स्टाफ नर्सों एवं
चिकित्सकों द्वारा कोई गौर नहीं किया जाता है। रात भर सीमा दर्द से
कराहती है। लेकिन स्टाफ के ऊपर कोई असर नहीं पड़ता है। बुधवार की दोपहर
करीब एक बजे उसे असहनीय दर्द और जलन शुरू होती है। श्रवण फिर अपनी पत्नी
की तकलीफ स्टाफ से बताता है। लेकिन न तो स्टाफ नर्स और न ही चिकित्सक।
जिंदगी और मौत के बीच झूलती सीमा आखिरकार दोपहर ढ़ाई बजे जिंदगी की जंग
हार जाती है। हाथ-पैर हिलते डुलते न देख श्रवण फिर स्टाफ नर्स के पास
जाता है और कहता है कि सीमा किसी बात का कोई जवाब नहीं दे रही है। इस पर
मौजूद स्टाफ नर्स प्रेमा उससे कहती है कि यहां लेकर आओ, हम वहां नहीं
देखेंगे। इस पर श्रवण अपनी पत्नी को लेकर अंदर जाता है। लेकिन जैसे ही
स्टाफ नर्स उसे देखती है तो उसके हाथ-पांव फूल जाते हैं। आनन-फानन में
इलाज का बहाना करते हुए प्रेमा व एक अन्य स्टाफ नर्स उसे हार्ट पम्प करने
लगते हैं। लेकिन तब तक सब खत्म हो चुका था। सीमा दुनिया छोड़ चुकी थी।
सीमा की मौत की खबर लगते ही परिजनों ने जिला महिला चिकित्सालय में हंगामा
काटना शुरू कर दिया। देखते ही देखते वहां मजमा लग गया। परिजनों की मांग
थी कि दोषी चिकित्सक एवं स्टाफ नर्स के खिलाफ कार्रवाई की जाये। घटना की
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गयी। मौके पर मौजूद स्टाफ जनता की
मार की डर से अपने कमरे से गायब हो चुका था। जिला महिला चिकित्सालय
सीएमएस डा. रवीन्द्र कुमार भी गायब हो चुका था। समाचार प्रेषण तक जिला
महिला चिकित्सालय में परिजनों द्वारा हंगामा किया जा रहा था।
