समाजसेवियों ने बचाई बाज़ की जान
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बाराबंकी। भीषण गर्मी और उमस से बेचैन आज एक बाज पक्षी आसमान से जमीन पर
आ गिरा। बाज को तड़पता देख कुछ समाजसेवियों ने आगे बढ़कर उसे उठाया। बाज को
लगी चोट पर हाथों के स्पर्श पड़ते ही वह तड़पने लगा। समाजसेवियों को समझते
देर न लगी कि आखिरकार माजरा क्या है। समाजसेवियों ने सबसे पहले बाज को
पीने के लिये पानी और खाने के लिये कुछ दाना दिया। जिसके बाद पक्षी में
जब थोड़ी फुर्ती आयी तो सूचना पर पहुंची वन विभाग टीम ने उसे कब्जे में
लेकर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करायी। बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे
देवा रोड स्थित गांधी के सामने सड़क पर आसमान पर उड़ता बाज उमस और गर्मी से
परेशान जमीन में आ गिरा। गिरने के दौरान उसे कुछ चोटें भी आयीं। मौके पर
मौजूद समाजसेवी अशोक शुक्ला, पाटेश्वरी प्रसाद, सुमंगल दीप त्रिवेदी,
मनीष सिंह, दुर्गेश पाण्डेय, आसिफ हुसैन, एडवोकेट आरके पाण्डेय, कपिल
सिंह यादव, विश्वनाथ सोनी ने घायल बाज को गोद में उठाया। चोट लगने से तड़प
रहे बाज को पानी पिलाकर उसकी प्यास बुझाई। इसके बाद खाने के लिये कुछ
दाना दिया। इसी दौरान घायल बाज के उपचार की समुचित व्यवस्था के लिये वन
विभाग की टीम को दूरभाष पर सूचना दी। जहां मौके पर पहुंचे रेंजर देव मणि
मिश्र, वन दरोगा अनिल कांत गुप्ता ने बाज को प्राथमिक उपचार के लिये अपने
साथ ले गये। जहां जिला पशु चिकित्सालय के चिकित्सक डा. एसएन सिंह ने बाज
का उचित इलाज कर अपने संरक्षण में ले लिया।
