पूविवि में मनाया गया हिन्दी पत्रकारिता दिवस
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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में सोमवार को हिन्दी पत्रकारिता दिवस मनाया गया। इस मौके पर विभागाध्यक्ष डा. अजय प्रताप सिंह ने कहा कि आज भी हिन्दी पत्रकारिता का समाज में महत्वपूर्ण स्थान है। हिन्दी पत्रकारिता में समाज के मनोविज्ञान को समझा है। इसी के चलते यह जनमानस से सरोकार रखने वाली पत्रकारिता बन गयी है। प्राध्यापक डा. अवध बिहारी सिंह ने कहा कि तिलक, गांधी, भगत सिंह सहित आजादी के दौर के प्रायः सभी क्रांतिकारियों व राजनेताओं ने मिशन के लिये पत्रकारिता का सहारा लिया। डा. सुनील कुमार ने कहा कि समूचे विश्व में पत्रकारिता आज भी संघर्ष व जज्बे का पेशा है। मिशन से प्रोफेशन और फिर ‘बिजनेस’ की बातें बहुत होती रही हैं। डा. रूश्दा आजमी ने कहा कि आज विद्यार्थियों को पत्रकारिता के क्षेत्र में अपडेट रहने की जरूरत है, क्योंकि प्रतियोगिता के दौर में हर अखबार नये कलेवर के साथ उतर रहा है। छात्र अब्दुल अहद आजमी एवं अंकित जायसवाल ने कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता में अब मिशन नहीं रह गया है। बाजारीकरण के इस युग में मीडिया कार्पोरेट घरानों की हो गयी है। इस क्षेत्र में कैरियर बनाना बहुत ही मुश्किल काम है। हर दिन अंतिम दिन मानकर यहां कार्य करना पड़ता है। छात्र मनीष श्रीवास्तव एवं नरेन्द्र गौतम ने कहा कि पं. जुगल किशोर ने 30 मई 1826 को जब पत्रकारिता की शुरूआत की थी तो लोग सोचे नहीं थे कि हिन्दी पत्रकारिता का इतिहास इतना स्वर्णिम होगा। इस अवसर पर सत्यम श्रीवास्तव, अभिषेक श्रीवास्तव, पंकज प्रजापति, पंकज मिश्रा, रणधीर सिंह, मूलचन्द्र विश्वकर्मा, दिग्विजय मिश्र, दीपक अग्रहरि, शायली मौर्या, शुभांशू जायसवाल, राहुल शुक्ला, सौम्या श्रीवास्तव, एहसान हाशमी सहित अन्य मौजूद रहे।

