विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान डीएम ने अधिकारियों को दी चेतावनी
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बाराबंकी। विकास कार्यो की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी अजय यादव ने
अधिकारियों को सचेत किया है कि किसी भी स्तर पर विकास कार्यो में शिथिलता
न बरती जाये। उन्होने डीआरडीए सभागार में मुख्यमंत्री के प्राथमिकता
प्राप्त कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों से
अपेक्षा की कि वर्ष के प्रत्येक माह में लक्ष्य पूरा करें और जन समस्याओं
से सम्बन्धित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करें। निस्तारण में गुणवत्ता
एवं समय का अनिवार्य रूप से ध्यान रखा जाये। विकास कार्यो की समीक्षा
करते हुए जिलाधिकारी ने नलकूप संचालन की प्रगति की जानकारी ली। उन्होने
सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने स्तर से भी राजकीय नलकूपांे
का सत्यापन करा लें। नलकूपों के खराब पाये जाने पर अधिशासी अभियन्ता
नलकूप से स्पष्टीकरण प्राप्त करने हेतु शो-काज नोटिस जारी करने का भी
निर्देश दिया गया। हैण्डपम्पों को चालू हालत में रखने के निर्देश के साथ
ही जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिशासी अभियन्ता सेे यह भी अपेक्षा की कि
रिबोर योग्य हैण्डपम्पों को शीघ्र रिबोर किये जाने हेतु कार्यवाही
सुनिश्चित कर लें। पशु पालन विभाग की कामधेनू योजना और कुक्कुट पालन
कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान बताया गया कि दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध
का सही मूल्य नहीं मिल पाने तथा बैंक से समय से ऋण न उपलब्ध होने की वजह
से जनपद में कामधेनू योजना के लक्ष्य को पूरा किये जाने में काफी कठिनाई
होती है। जिलाधिकारी ने कहा कि कामधेनू योजना अन्तर्गत ऋण उपलब्ध कराने
में दुग्ध उत्पादकों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जायेगी। कृषि विभाग से
किसानों को उपलब्ध होने वाली सेवाओं और सुविधाओं के कार्यक्रम की प्रगति
की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण
कार्य काफी धीमा है। इसमें तेजी से काम होना चाहिए, जिससे जनपद के सारे
किसान ऑनलाइन पंजीकृत हो जाये। उन्होने स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न
योजनाओं की समीक्षा की। जननी सुरक्षा योजना, संस्थागत प्रसव और बाल
स्वास्थ्य कार्यक्रम की खराब प्रगति पर जिलाधिकारी द्वारा गहरा असन्तोष
व्यक्त किया गया। जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसव कार्यक्रम में स्वास्थ्य
विभाग के अधिकारियों को सुधार लाने का निर्देश दिया। प्राइवेट नर्सिंग
होम द्वारा प्रसव की स्थिति के सम्बन्ध में डाटा सीएमओ कार्यालय न उपलब्ध
कराने की जानकारी दी गयी। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि प्राइवेट नर्सिंग होम
अगर प्रसव सम्बन्धी डाटा नहीं उपलब्ध कराते, तो उनके लाइसेन्स निरस्त
किये जायेगे। बैठक में आम आदमी बीमा योजना की धीमी प्रगति पर भी
जिलाधिकारी द्वारा चिन्ता व्यक्त की गयी। उन्होने अपर जिलाधिकारी को इसकी
समीक्षा हेतु नियमित अनुश्रवण किये जाने का निर्देश दिया है। बैठक में
जिलाधिकारी ने जन समस्याआंे के निस्तारण से सम्बन्धित लम्बित मामलों की
समीक्षा की। मुख्यमंत्री, शासन, राजस्व परिषद और जिलाधिकारी द्वारा जनता
दर्शन कार्यक्रम के तहत लम्बित संदर्भो की विभागवार समीक्षा की। उन्होने
तहसील दिवस के लम्बित प्रकरणों की भी समीक्षा की। विकास, पुलिस, राजस्व,
सहित नगर निकाय, विद्युत, बैंक, आपूर्ति, जल निगम, स्वास्थ्य विभाग में
संदर्भो के निस्तारण की प्रगति काफी खराब पायी गयी। जिलाधिकारी ने
सम्बन्धित सभी कार्यालयाध्यक्षों एवं जिले स्तर के अधिकारियों को सचेत
करते हुए अपेक्षा की कि निर्धारित समय में सम्बन्धित प्रकरणों का
निस्तारण करा लिया जाये। अन्यथा उनका उत्तरदायित्व सुनिश्चित करते हुए
उनके विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी। इस मौके पर सीडीओ ऋषिरेन्द्र कुमार,
एडीएम हरिकेश चौरसिया, सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद थे।

